कौन हैं मार्क कार्नी? जो होंगे कनाडा के अगले प्रधानमंत्री, ट्रूडो की लेंगे जगह

Mark Carney: कनाडा में एक ऐतिहासिक बदलाव हो रहा है, जहां पूर्व गवर्नर मार्क कार्नी को प्रधानमंत्री चुना गया है. यह पहली बार है जब किसी बाहरी व्यक्ति, जिनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि नहीं है उसे ये बड़ी जिम्मेदारी दी जा रही है. मार्क कार्नी को कनाडा की सत्तारूढ़ लिबरल पार्टी ने 86 प्रतिशत वोटों के साथ अपना नेता चुना है, और वह जस्टिन ट्रूडो की जगह प्रधानमंत्री के तौर पर कार्यभार संभालेंगे.

Deeksha Parmar
Edited By: Deeksha Parmar

कनाडा के सियासी दंगल में एक बड़ा बदलाव हो रहा है. देश के अगले प्रधानमंत्री के तौर पर पूर्व गवर्नर मार्क कार्नी को चुना गया है. यह पहली बार है जब किसी बाहरी व्यक्ति को प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी दी जा रही है, जिनकी कोई राजनीतिक पृष्ठभूमि नहीं है. मार्क कार्नी का चयन कनाडा की सत्तारूढ़ लिबरल पार्टी ने किया है, और उन्होंने 86 प्रतिशत वोट हासिल कर अपनी जीत सुनिश्चित की. जस्टिन ट्रूडो ने इस साल के शुरूआत में पद से इस्तीफा दिया था, और अब कार्नी उनकी जगह प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभालेंगे.

मार्क कार्नी का कड़ा मुकाबला

पूर्व गवर्नर मार्क कार्नी ने कहा है कि उनका अनुभव उन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से निपटने के लिए सबसे उपयुक्त बनाता है. कार्नी दो G7 केंद्रीय बैंकों के गवर्नर रहे हैं और उनके पास वैश्विक वित्तीय संकटों का सामना करने का व्यापक अनुभव है. 59 वर्षीय कार्नी ने अपनी नई जिम्मेदारी संभालने से पहले ही कनाडा की राजनीति और वैश्विक आर्थिक नीति के क्षेत्र में अपनी छाप छोड़ी है. 

मार्क कार्नी का अब तक का सफर

मार्क कार्नी का करियर बहुत ही प्रभावशाली रहा है. वह 2008 में बैंक ऑफ कनाडा के गवर्नर बने और फिर 2013 में वह बैंक ऑफ इंग्लैंड के गवर्नर बने, जहां उन्होंने 300 साल के इतिहास में पहले गैर-ब्रिटिश नागरिक के रूप में इस पद को संभाला. उनके नेतृत्व में बैंक ऑफ इंग्लैंड ने 2008 के वित्तीय संकट से उबरने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इसके बाद 2020 तक उन्होंने इस पद पर कार्य किया और इसके बाद अन्य अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियों को निभाया.

कनाडा में ट्रंप के ट्रेड वॉर और बढ़ते राष्ट्रवाद का असर

कनाडा इन दिनों अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यापार युद्ध और विलय के खतरे से जूझ रहा है. ट्रंप के ट्रेड वॉर और कनाडा को 51वां अमेरिकी राज्य बनाने की बातें कनाडाई लोगों के बीच नाराजगी का कारण बनी हैं. ऐसे में, मार्क कार्नी का नेतृत्व लिबरल पार्टी के लिए एक मजबूत विकल्प साबित हो सकता है, जो ट्रंप से मुकाबला करने की पूरी तैयारी में हैं.

मार्क कार्नी का निजी जीवन और शिक्षा

मार्क कार्नी का जन्म कनाडा के फोर्ट स्मिथ, नॉर्थवेस्ट टेरिटरीज में हुआ था और उनका बचपन एडमंटन में बीता. इसके बाद, उन्होंने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स की पढ़ाई की और फिर ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से मास्टर डिग्री प्राप्त की. कार्नी ने 1995 में अर्थशास्त्र में पीएचडी की और इसके बाद उन्होंने वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई.

कार्नी का वैश्विक सम्मान और उपलब्धियां

मार्क कार्नी का काम न केवल कनाडा में, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहा गया है. 2010 में टाइम मैगजीन ने उन्हें दुनिया के 25 सबसे प्रभावशाली नेताओं में शामिल किया. 2011 में रीडर्स डाइजेस्ट ने उन्हें सबसे विश्वसनीय कनाडाई के खिताब से नवाजा और 2012 में यूरोमनी मैगजीन ने उन्हें सेंट्रल बैंक गवर्नर ऑफ द ईयर घोषित किया. 

अंतरराष्ट्रीय भूमिका और भविष्य की योजनाएं

कार्नी ने हाल के वर्षों में संयुक्त राष्ट्र के क्लाइमेट एक्शन और फाइनेंस पर विशेष दूत के रूप में काम किया. इसके साथ ही, वह ब्रुकफील्ड एसेट मैनेजमेंट में ट्रांजिशन इन्वेस्टिंग के प्रमुख भी हैं. उनका वैश्विक अनुभव और मजबूत नेतृत्व क्षमता कनाडा की राजनीति में एक नई दिशा दे सकते हैं.

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