भारत की 8 सबसे खतरनाक और खूबसूरत माउंटेन ड्राइव्स, यहां गर्मियों में घूमने का लीजिए मजा
गर्मियों के मौसम में आप भी कहीं घूमने का सोच रहे हैं, तो इन 8 जगहों पर जरूर जाए. यहां आपको ठंडी हवा और खूबसूरत नजारे देखने को मिलेंगे, साथ ही एडवेंचर करने का मौका भी मिलेगा.

नई दिल्ली: भारत की पहाड़ियां गर्मियों में ठंडी हवा और खूबसूरत नजारे देकर गर्मी से राहत देती हैं. घुमावदार सड़कें जंगलों, घाटियों और ऊंचे रेगिस्तानों से गुजरती हैं. रोड ट्रिप पसंद करने वालों के लिए ये ड्राइव्स अपनी लिस्ट में जरूर शामिल करने लायक है. उत्तर के हिमालय से लेकर दक्षिण के वेस्टर्न घाट्स तक, ये सफर न सिर्फ मनोरम हैं बल्कि यादगार अनुभव भी देते हैं. तो इस गर्मी इन 8 जगहों पर जरूर जाए.
1. मनाली से लेह: हाई-ऑल्टीट्यूड एडवेंचर
मनाली से लेह तक की 475 किलोमीटर लंबी यात्रा देश की सबसे मशहूर हाई-ऑल्टीट्यूड ड्राइव है. यह जून से सितंबर तक खुली रहती है. अटल टनल के कारण अब रोहतांग पास को अवॉइड किया जा सकता है.
बरालाचा ला और तांगलांग ला जैसे ऊंचे पास पार करने पड़ते हैं. ऊंचाई 4000 मीटर से ज्यादा होने पर एक्लीमेटाइजेशन जरूरी है. बर्फीले पहाड़ और रंग-बिरंगे परिदृश्य इस सफर को एपिक बनाते हैं.
2. श्रीनगर से लेह: आसान और खूबसूरत रूट
यह रूट मनाली-लेह से थोड़ा आसान माना जाता है क्योंकि ऊंचाई धीरे-धीरे बढ़ती है. करीब 420 किलोमीटर का यह सफर सोनमर्ग, जोजी ला पास, द्रास (दुनिया का सबसे ठंडा बसा इलाका) और कारगिल से होकर गुजरता है. हरे-भरे घाटों से सूखे पहाड़ों में बदलाव देखना बहुत आकर्षक है. गर्मियों में यह ड्राइव आरामदायक और यादगार होती है.
3. गंगटोक से नाथुला पास: सीमा के पास रोमांच
यह छोटी लेकिन शानदार ड्राइव गंगटोक से नाथुला पास तक जाती है, जो भारत-चीन सीमा के पास 4300 मीटर से ज्यादा ऊंचाई पर है. सड़कें अच्छी है लेकिन तेज चढ़ाई और हेयरपिन मोड़ हैं. गर्मियों की शुरुआत में भी बर्फीले पहाड़ नजर आते हैं. भारतीय नागरिकों को परमिट जरूरी है. मई से अक्टूबर तक यह रूट खुला रहता है.
4. शिमला से स्पीति घाटी: विविधता भरा सफर
शिमला से शुरू होकर किन्नौर होते हुए स्पीति पहुंचने वाली यह ड्राइव सीजन में जल्दी खुल जाती है. गहरी खाइयां, चट्टानों पर बनी सड़कें और ताबो-काजा जैसे प्राचीन मठ देखने को मिलते हैं. हरी-भरी वादियों से ठंडे रेगिस्तान में बदलाव इस सफर को सबसे अलग बनाता है.
5. दार्जिलिंग से संदकफू: विश्व के ऊंचे शिखरों का नजारा
यह छोटी लेकिन चुनौतीपूर्ण ड्राइव पुराने लैंड रोवर्स और मजबूत SUV के लिए परफेक्ट है. संदकफू 3636 मीटर ऊंचाई पर पश्चिम बंगाल का सबसे ऊंचा इलाका है. यहां से एवरेस्ट और कंचनजंगा समेत दुनिया के पांच सबसे ऊंचे पर्वतों का panoramic व्यू दिखता है. रास्ता खड़ी और पथरीला है लेकिन नजारे बेमिसाल हैं.
6. मुन्नार से टॉप स्टेशन: चाय बागानों का आनंद
केरल के मुन्नार से टॉप स्टेशन तक की ड्राइव चाय के बागानों, धुंध भरी पहाड़ियों और सुहावने मौसम से भरी है. तमिलनाडु बॉर्डर के पास स्थित टॉप स्टेशन से घाटी का खूबसूरत नजारा दिखता है. हिमालय की तुलना में यह ड्राइव आसान है, इसलिए गर्मियों में फैमिली के साथ leisurely ट्रिप के लिए बेस्ट है.
7. नैनीताल से मुन्सियारी: कुमाऊं का शांत सफर
यह कम चर्चित लेकिन दिलचस्प रूट नैनीताल से मुन्सियारी तक जाता है. अल्मोड़ा, बागेश्वर और बिरथी फॉल्स से गुजरते हुए पंचाचूली पर्वतमाला का नजारा मिलता है. मुन्सियारी शांत पहाड़ी कस्बा है जहां गर्मियों में ठंडी हवा और शांति का मजा लिया जा सकता है.
8. शिलांग से चेरापूंजी: झरनों की भूमि
शिलांग से चेरापूंजी (सोहरा) तक की छोटी ड्राइव बेहद खूबसूरत है. घुमावदार पहाड़ियां और घाटियां गर्मियों की शुरुआत में खास आकर्षक लगती हैं. नोहकालिकाई और सेवन सिस्टर्स जैसे प्रसिद्ध झरने रास्ते में अतिरिक्त आकर्षण हैं. मानसून से पहले यह सफर यादगार बन जाता है.


