40 के बाद महिलाओं की किडनी हो जाती है कमजोर, चुपचाप नुकसान पहुंचा सकती हैं रोज की ये आदतें
40 की उम्र के बाद महिलाओं में किडनी से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. पेनकिलर का अधिक सेवन, कम पानी पीना और गलत खानपान जैसी आदतें धीरे-धीरे किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती हैं.

किडनी हमारे शरीर का ऐसा अंग है, जो खून को साफ रखने, शरीर से गंदे पदार्थ बाहर निकालने और पानी-संतुलन बनाए रखने का काम करता है. इसके बावजूद किडनी से जुड़ी बीमारियों को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है. इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि किडनी खराब होने की शुरुआत में कोई खास लक्षण दिखाई नहीं देते. जब तक समस्या सामने आती है, तब तक बीमारी गंभीर रूप ले चुकी होती है.
विशेषज्ञों का कहना है कि महिलाओं में बढ़ती उम्र के साथ किडनी से जुड़ी परेशानियां तेजी से बढ़ रही हैं. इसकी एक बड़ी वजह यह भी है कि महिलाएं घर-परिवार की जिम्मेदारियों में खुद की सेहत को पीछे छोड़ देती हैं. 40 साल की उम्र के बाद कुछ ऐसी आदतें बन जाती हैं, जो धीरे-धीरे किडनी को नुकसान पहुंचाने लगती हैं.
दर्द में बिना सोचे पेनकिलर लेना
अमेरिका के डॉक्टर जॉन वैलेंटाइन के अनुसार, बार-बार पेनकिलर लेना किडनी के लिए बेहद नुकसानदायक हो सकता है. सिरदर्द, बदन दर्द या हल्का बुखार होते ही कई महिलाएं इबुप्रोफेन जैसी दवाएं ले लेती हैं. लंबे समय तक इन दवाओं का इस्तेमाल किडनी पर दबाव डालता है और धीरे-धीरे उसकी काम करने की क्षमता कम हो सकती है. इसलिए किसी भी दवा को नियमित रूप से डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं लेना चाहिए.
शरीर में पानी की कमी
अक्सर महिलाएं पूरे दिन दूसरों की जरूरतों का ध्यान रखती हैं, लेकिन खुद पर्याप्त पानी पीना भूल जाती हैं. पानी कम पीने से शरीर में विषैले तत्व जमा होने लगते हैं, जो किडनी को नुकसान पहुंचाते हैं. इससे पथरी, इंफेक्शन और सूजन जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं. रोजाना 6 से 8 गिलास पानी पीना किडनी को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी है.
रात में बार-बार पेशाब आना
रात के समय बार-बार पेशाब लगना कोई सामान्य बात नहीं है. कई महिलाएं इसे उम्र का असर मानकर अनदेखा कर देती हैं, जबकि यह किडनी की खराबी का संकेत हो सकता है. अगर यह समस्या लगातार बनी रहे, तो बिना देर किए जांच कराना बेहद जरूरी है.
जरूरत से ज्यादा प्रोटीन का सेवन
आजकल फिट रहने के नाम पर हाई-प्रोटीन डाइट का चलन काफी बढ़ गया है. हालांकि, बहुत ज्यादा प्रोटीन लेने से किडनी को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है. 40 की उम्र के बाद ज्यादा प्रोटीन लेने से किडनी को स्थायी नुकसान होने का खतरा बढ़ जाता है. संतुलित आहार ही सबसे सुरक्षित विकल्प है.
पेशाब को रोकने की आदत
काम, सफर या व्यस्तता के कारण कई महिलाएं लंबे समय तक पेशाब रोककर रखती हैं. यह आदत किडनी के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती है. पेशाब रोकने से बैक्टीरिया बढ़ते हैं, जो इंफेक्शन फैलाकर किडनी तक पहुंच सकते हैं और गंभीर नुकसान कर सकते हैं.
समय रहते आदतें बदलना जरूरी
डॉक्टरों का कहना है कि ये आदतें भले ही छोटी लगें, लेकिन लंबे समय में इनका असर गंभीर हो सकता है. अगर महिलाएं समय रहते अपनी जीवनशैली पर ध्यान दें, पर्याप्त पानी पिएं, संतुलित भोजन करें और किसी भी समस्या को नजरअंदाज न करें, तो किडनी को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है. 40 की उम्र के बाद नियमित जांच और सतर्कता ही किडनी को बचाने का सबसे अच्छा तरीका है.


