हरतालिका तीज पर ज्यादा प्यास लगने से बचना है? निर्जला उपवास से पहले जानें क्या खाएं क्या नहीं

हरतालिका तीज का व्रत सौभाग्य और पति की लंबी उम्र के लिए किया जाता है, जिसमें सही आहार और सावधानियों का पालन करना जरूरी होता है. इससे शरीर हाइड्रेटेड रहता है और प्यास और भूख से बचा जा सकता है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

Hartalika Teej Fast: हरतालिका तीज का व्रत भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है. इस बार यह व्रत 26 अगस्त को होगा. यह व्रत मुख्य रूप से महिलाओं द्वारा सौभाग्य और पति की लंबी उम्र की कामना के लिए किया जाता है, जबकि कुंवारी लड़कियां इसे अच्छे पति की प्राप्ति के लिए करती हैं. यह व्रत 24 घंटे का होता है, जिसमें खास नियमों और सावधानियों का पालन करना जरूरी होता है, ताकि निर्जला उपवास के दौरान शरीर में कमजोरी न आए.

कठिन और पवित्र माना जाता है ये व्रत 

यह व्रत कठिन और पवित्र माना जाता है, जिसे माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए किया था. इसी कारण, इस दिन माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा की जाती है और जीवन में सौभाग्य की कामना की जाती है. इस व्रत को शुरू करने से पहले कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए, ताकि भूख और प्यास से बचा जा सके.

क्या न करें? 

व्रत से एक दिन पहले तला-भुना और मसालेदार भोजन न करें, क्योंकि इससे पेट भरा हुआ और प्यास अधिक लगती है. इसके अलावा, चाय, कॉफी और सोडा जैसे कैफिनेटेड ड्रिंक्स से भी बचें, क्योंकि ये शरीर को डिहाइड्रेट कर सकते हैं और प्यास बढ़ा सकते हैं. व्रत से पहले गुलाब जामुन, मालपुआ जैसे तले हुए मीठे भी न खाएं, क्योंकि इनसे गला सूखता है और प्यास अधिक लगती है.

ज्यादा बोलने से लग सकती है प्यास 

व्रत वाले दिन ज्यादा बोलने से भी प्यास लग सकती है, इसलिए मन को शिव और पार्वती की भक्ति में लगाएं और कम बोलें. व्रत के दौरान भूख और प्यास से बचने के लिए एक दिन पहले से ही सही आहार का ध्यान रखें. ताजे फल और जूस पिएं, जैसे खीरा, अनानास और स्ट्रॉबेरी, ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे और ऊर्जा बनी रहे.

सरगी में शामिल करें नारियल पानी

जो लोग सुबह सरगी खाते हैं, उन्हें नारियल पानी को अपनी सरगी में शामिल करना चाहिए, क्योंकि यह शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखता है और प्यास कम करता है. इसके अलावा, ड्राई फ्रूट्स जैसे काजू, बादाम और अखरोट खाने से भी शरीर में ऊर्जा बनी रहती है और प्यास कम लगती है.

इस प्रकार, हरतालिका तीज के व्रत को ध्यानपूर्वक और सही तरीके से करना आवश्यक है, ताकि यह व्रत शारीरिक रूप से स्वस्थ और मानसिक रूप से आनंदमय हो.

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