सुसाइड नोट में K-POP का जिक्र, लेकिन गेम का नहीं... गाजियाबाद ट्रिपल सुसाइड केस में सामने आया नया एंगल
गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों की आत्महत्या मामले में कथित ‘कोरियन गेम’ का अब तक कोई सबूत नहीं मिला. पुलिस जांच में डायरी से कोरियन संस्कृति की लत का संकेत मिला है, जबकि पिता के दावे सवालों के घेरे में हैं.

गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में तीन सगी नाबालिग बहनों की नौवीं मंजिल से कूदकर जान देने की घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है. 12, 14 और 16 वर्ष की इन बच्चियों की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. शुरुआती चर्चा में ऑनलाइन “कोरियन गेम” का एंगल सामने आया था, लेकिन जांच आगे बढ़ने के साथ तस्वीर कुछ अलग नजर आ रही है. पुलिस अब हर पहलू से मामले की पड़ताल कर रही है और मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है.
घटना के बाद लड़कियों के पिता ने मीडिया से बातचीत में बताया था कि उनकी बेटियां किसी ऑनलाइन गेम में उलझी हुई थीं और कोरियन संस्कृति के प्रति बहुत आकर्षित थीं. उन्होंने यह भी कहा कि बच्चियों का “Killer Queen” नाम से एक यूट्यूब चैनल था. हालांकि जब इस नाम से खोजबीन की गई तो ऐसा कोई चैनल या इंस्टाग्राम अकाउंट नहीं मिला. इस वजह से पिता के बयान को लेकर भ्रम की स्थिति बन गई है.
पुलिस सूत्रों का कहना है कि अब तक की जांच में किसी कथित “कोरियन लव गेम” या आत्महत्या के लिए उकसाने वाले ऑनलाइन चैलेंज का कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला है. न तो मोबाइल डेटा में और न ही डायरी में ऐसे किसी टास्क का सीधा जिक्र मिला है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर इस गेम की बात कहां से आई.
डायरी बनी अहम सुराग
घटनास्थल से पुलिस को आठ पन्नों की एक डायरी मिली है, जिसे जांच में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इस डायरी में तीनों बहनों ने अपनी भावनाओं और सोच को विस्तार से लिखा है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बच्चियां कोरियन संस्कृति से गहराई से जुड़ चुकी थीं और उससे दूर होना उनके लिए बेहद कठिन था.
डायरी में K-POP, कोरियन म्यूजिक, फिल्में, वेब सीरीज और शॉर्ट फिल्म्स का बार-बार जिक्र है. एक जगह अंग्रेजी में लिखा गया है, “WE LOVE KOREAN CULTURE.” पुलिस का मानना है कि यह सिर्फ एक शौक नहीं रह गया था, बल्कि धीरे-धीरे यह झुकाव एक तरह की लत का रूप ले चुका था.
जांच जारी, कई सवाल बाकी
डीसीपी निमिष पाटिल खुद मौके पर पहुंचे और परिवार से विस्तार से बातचीत की. उनका कहना है कि मामला डिजिटल कंटेंट की लत और उससे अचानक दूरी से जुड़ा हो सकता है. हालांकि अभी जांच पूरी नहीं हुई है और पुलिस हर एंगल से तथ्य जुटा रही है. फिलहाल पुलिस सच्चाई तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है, ताकि इस दर्दनाक घटना के पीछे की असली वजह सामने आ सके.


