HIV से बचने के लिए शख्स ने AI से ले ली सलाह, हो गया जानलेवा स्टीवन्स जॉनसन सिंड्रोम...जानिए कितना खतरनाक है ?
स्टीवन्स जॉनसन सिंड्रोम एक जानलेवा और दुर्लभ बीमारी है, जिसमें मरीज के शरीर पर रैश, फफोले और परत उतरने लगती है. इसके साथ ही मुंह, आंख और प्राइवेट पार्ट के म्यूकोसा भी प्रभावित होते है. ज्यादातर मामलों में देखा जाए तो यह दवाओं के गंभीर एलर्जिक रिएक्शन के कारण होता है और मरीज को अगर सही समय पर इलाज न मिले तो जान का खतरा और बढ़ जाता है.

नई दिल्ली : आज के समय में हम इंटरनेट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर सबसे ज्यादा भरोसा कर रहे है, लेकिन हमें यह ध्यान रखना होगा कि हमें इसपर आंख बंद करके भरोसा नहीं करना चाहिए. कभी-कभी इसका इस्तेमाल हमारे लिए खतरनाक भी हो सकता है. एक ऐसा ही मामला देश की राजधानी दिल्ली से सामने आया है. यहां एक 45 वर्षीय व्यक्ति ने डॉक्टर से सलाह लेने के बजाय AI से पूछकर एचआईवी से बचने की दवाएं ले ली. जिसका परिणाम काफी भयावह रहा.
शख्स ने AI से पूछकर ले ली दवा
यौन संबंध बनाने के बाद HIV का डर था
रिपोर्ट के अनुसार, शख्स को असुरक्षित यौन संबंध बनाने के बाद HIV संक्रमण का डर सताने लगा. जिसके बाद उसने इसके बारे में डॉक्टरों से सलाह लेने की जगह AI से सलाह लेना उचित समझा. जिसके बाद उसने इसके बारे में AI से सहायता ली और बिना किसी पर्ची के स्थानीय मेडिकल स्टोर से दवाएं खरीद लीं. हालांकि, शक्स ने HIV की दवाओं का पूरा 28 दिन का कोर्स किया था.
7 दिन बाद शरीर पर दिखने लगा असर
डॉक्टरों के अनुसार करीब 7 दिन के बाद दवा का उसके शरीर पर असर दिखने लगा. उसके शरीर पर चकते निकलने लगे. लेकिन इसके बावजूद उसने दवाएं लेना बंद नहीं किया. दवा का रिएक्शन शरीर में तेजी से बढ़ने लगा कुछ ही दिनों में उसकी आंखों और शरीर के कई अन्य हिस्सों में खतरनाक समस्याएं शुरू हो गई. हालत बिगड़ने पर उसे हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया.
मरीज को स्टीवन्स जॉनसन सिंड्रोम है...
अस्पताल में भर्ती होने पर जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि मरीज को स्टीवन्स जॉनसन सिंड्रोम हुआ है. यह बीमारी के गंभीर दवा के रिएक्शन के बाद होता है. जिसमें स्किन और म्यूकोसा को भारी नुकसान होता है. फिलहाल शख्स को आईसीयू में रखा गया है. डॉक्टरों के अनुसार उसकी स्थिति गंभीर है. हालांकि, डॉक्टर मरीज के शरीर में दवा के रिएक्शन को कम और नियंत्रित करने में लगे हुए है.
बिना किसी डॉक्टर के पर्ची के कैसे मिल गई दवा ?
गौरतलब है कि मरीज को ऐसी दवाएं बिना किसी डॉक्टर के पर्ची के कैसे मिल गई, जबकि ये आमतौर पर डॉक्टर भी नहीं लिखते हैं. यह पूरा मामला न सिर्फ दवाओं के खुलेआम बिक्री पर सवाल उठाता है, बल्कि इंटरनेट और AI पर बिना सोचे-समझे इलाज करन के खतरे को भी उजागर करता है.
बता दें कि स्टीवन्स जॉनसन सिंड्रोम एक जानलेवा और दुर्लभ बीमारी है, जिसमें मरीज के शरीर पर रैश, फफोले और परत उतरने लगती है. इसके साथ ही मुंह, आंख और प्राइवेट पार्ट के म्यूकोसा भी प्रभावित होते है. ज्यादातर मामलों में देखा जाए तो यह दवाओं के गंभीर एलर्जिक रिएक्शन के कारण होता है और मरीज को अगर सही समय पर इलाज न मिले तो जान का खतरा और बढ़ जाता है.


