दुनिया का अनोखा रेलवे स्टेशन: जहां केवल एंट्री है 'एग्जिट' नहीं, बाहर निकलने का नहीं कोई 'रास्ता'!
जापान के यामागुची प्रांत में स्थित ‘सेइरियू मिहाराशी’ स्टेशन दुनिया के सबसे अनोखे स्टेशनों में गिना जाता है. यहां ट्रेन से उतरने के बाद बाहर जाने का कोई रास्ता नहीं है. इसे सिर्फ प्रकृति के खूबसूरत दृश्य का आनंद लेने के लिए बनाया गया है.

जब भी हम रेलवे स्टेशन का नाम सुनते हैं, दिमाग में तुरंत भीड़, प्लेटफॉर्म से बाहर जाती सड़कें, ऑटो-टैक्सी और लोगों की चहल-पहल की तस्वीर उभर आती है. स्टेशन आमतौर पर किसी शहर या गांव में प्रवेश का पहला पड़ाव होता है. लेकिन क्या आपने कभी ऐसे स्टेशन के बारे में सुना है, जहां ट्रेन से उतरने के बाद आप कहीं जा ही न सकें? जी हां, दुनिया में एक ऐसा रेलवे स्टेशन मौजूद है, जहां पहुंच तो सकते हैं, लेकिन बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं है.
पश्चिमी जापान के यामागुची प्रांत में स्थित ‘सेइरियू मिहाराशी’ स्टेशन अपनी इसी अनोखी बनावट के कारण दुनियाभर में चर्चा में है. यह स्टेशन निशिकिगावा सेइरियू रेल लाइन पर बना हुआ है और इसे दुनिया के सबसे अलग-थलग रेलवे स्टेशनों में गिना जाता है. यहां न कोई गेट है, न सड़क, न सीढ़ियां और न ही कोई पैदल रास्ता, जिससे प्लेटफॉर्म से बाहर जाया जा सके.
इस स्टेशन की सबसे खास बात यही है कि यहां उतरने वाले यात्री केवल प्लेटफॉर्म तक ही सीमित रह जाते हैं. चारों ओर घने जंगल, पहाड़ और बहती नदी का नजारा दिखाई देता है, लेकिन वहां जाने का कोई रास्ता नहीं होता. स्टेशन किसी आबादी से नहीं जुड़ा है, इसलिए यह किसी गांव या शहर के लिए प्रवेश द्वार नहीं बनता. यहां आने वाले यात्रियों को अगली ट्रेन आने तक उसी प्लेटफॉर्म पर रुकना पड़ता है और आसपास की शांति को महसूस करना होता है.
क्यों बनाया गया ये स्टेशन
‘सेइरियू मिहाराशी’ नाम का मतलब ही होता है- साफ नदी का सुंदर दृश्य. दरअसल, इस स्टेशन को लोगों के आवागमन के लिए नहीं, बल्कि प्रकृति का आनंद लेने के लिए बनाया गया था. यहां से निशिकी नदी और उसकी घाटी का बेहद खूबसूरत नजारा दिखाई देता है. यह जगह उन लोगों के लिए खास है, जो कुछ समय शांति में बैठकर प्राकृतिक सुंदरता को निहारना चाहते हैं.
यह स्टेशन जितना सुंदर है, उतना ही सादा भी. यहां न टिकट काउंटर है, न शौचालय और न ही कोई रेलवे कर्मचारी मौजूद रहता है. यह पूरी तरह से एक शांत, खुले प्लेटफॉर्म की तरह है. सुरक्षा कारणों से यात्रियों को रेलवे ट्रैक के पास जाने या जंगल की ओर उतरने की अनुमति नहीं दी जाती.
किसी फिल्म के दृश्य जैसा एहसास
कई लोग इस स्टेशन की तुलना मशहूर एनीमेशन फिल्म ‘स्पिरिटेड अवे’ के उस दृश्य से करते हैं, जहां ट्रेन पानी के बीच खामोशी से खड़ी रहती है. यहां का माहौल भी कुछ ऐसा ही लगता है- शांत, रहस्यमय और किसी दूसरी दुनिया जैसा. अगर कोई यात्री इस अनोखे स्टेशन पर जाने की योजना बना रहा है, तो ट्रेन का समय जरूर जांच ले. सभी ट्रेनें यहां नहीं रुकतीं और अगर आप उतर गए, तो अगली ट्रेन के आने में काफी वक्त लग सकता है.


