इस एक पत्ते से मिलेगा दूध से 4 गुना ज्यादा कैल्शियम, हड्डियां हो जाएंगी स्टील जैसी मजबूत!
कैल्शियम की कमी दूर करने के लिए ज्यादातर लोग दूध पर निर्भर रहते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं? दूध न पीने वालों के लिए भी और भी शानदार ऑप्शन हैं. न्यूट्रिशनिस्ट बताते है कि कुछ स्वादिष्ट सब्जियां और जूस हैं, जो कैल्शियम से भरपूर हैं. रोजाना एक गिलास ट्राई करें और महसूस करें फर्क.

नई दिल्ली: कैल्शियम को हड्डियों की मजबूती के लिए सबसे जरूरी पोषक तत्व माना जाता है और आमतौर पर इसकी पूर्ति के लिए दूध को सबसे बेहतर स्रोत बताया जाता है. बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को रोजाना एक गिलास दूध पीने की सलाह दी जाती है, ताकि शरीर में कैल्शियम की कमी न हो.
लेकिन अगर आप दूध नहीं पी पाते हैं चाहे वजह लैक्टोज इनटॉलरेंस हो, पाचन संबंधी परेशानी या डेयरी एलर्जी तो परेशान होने की जरूरत नहीं है. दरअसल, एक ऐसा जूस भी है जो एक गिलास दूध से कहीं ज्यादा कैल्शियम दे सकता है और हड्डियों के साथ-साथ पूरे शरीर के लिए फायदेमंद माना जा रहा है.
न्यूट्रिशनिस्ट से खास सलाह
न्यूट्रिशनिस्ट के अनुसार, कैल्शियम केवल डेयरी प्रोडक्ट्स तक सीमित नहीं है. कुछ हरी पत्तेदार सब्जियां भी कैल्शियम से भरपूर होती हैं, जिनका जूस या सूप बनाकर सेवन किया जा सकता है. उनका कहना है कि सही तरीके से तैयार किया गया यह जूस शरीर को कई पोषक तत्व प्रदान करता है.
कौन सा है वो कैल्शियम से भरपूर जूस?
न्यूट्रिशनिस्ट के मुताबिक, पुदीना और धनिया पत्ती का जूस कैल्शियम का बेहतरीन स्रोत है. यह जूस एक गिलास दूध की तुलना में करीब तीन गुना ज्यादा कैल्शियम प्रदान करता है. रोजाना एक गिलास इसका सेवन किया जा सकता है और यह बच्चों के लिए भी सुरक्षित माना जाता है.
पोषक तत्वों से भरपूर है जूस
पुदीना और धनिया पत्ती दोनों में कैल्शियम अच्छी मात्रा में पाया जाता है. इसके अलावा इस जूस में विटामिन K, विटामिन C, आयरन और फॉस्फोरस भी मौजूद होते हैं, जो हड्डियों, जोड़ों, मसल्स, हार्मोन बैलेंस और ओवरऑल इम्यूनिटी के लिए फायदेमंद माने जाते हैं.
सहजन की फली
कैल्शियम के लिए सहजन की फली को भी बेहद लाभकारी माना जाता है. एक्सपर्ट्स के अनुसार, जिन लोगों को बोन डेंसिटी कम होने या ऑस्टियोआर्थराइटिस की समस्या है, उन्हें सहजन की फली का सूप या जूस जरूर पीना चाहिए.
हड्डियों की मजबूती में कैसे मदद करती है सहजन
अगर दिन में केवल 2 सहजन की फलियां भी खा ली जाएं, तो इससे बोन डेंसिटी बढ़ाने में मदद मिल सकती है और ऑस्टियोआर्थराइटिस के लक्षणों में भी राहत मिल सकती है. साल में 3-4 महीने तक सहजन की फली का नियमित सेवन हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है.


