विंटर फूड टिप्स: सर्दियों में मूली खाने का सही तरीका, ताकि न बने गैस और न फूले पेट

सर्दियों में मूली सेहत के लिए फायदेमंद मानी जाती है, लेकिन गलत तरीके से खाने पर यह गैस और ब्लोटिंग की वजह भी बन सकती है. अगर मूली को सही ढंग से चुना, पकाया और खाया जाए, तो यह पाचन को दुरुस्त रखने में मदद करती है.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

विंटर फूड टिप्स: सर्दियों का मौसम आते ही बाजार हरी-भरी सब्जियों से भर जाता है. बथुआ, पालक, सरसों के साथ-साथ मूली भी इस मौसम की खास सब्जियों में गिनी जाती है. भले ही मूली सालभर उपलब्ध रहती हो, लेकिन ठंड के दिनों में इसका स्वाद और असर दोनों ही अलग होते हैं.

हालांकि, कई लोग मूली खाने से परहेज करते हैं क्योंकि उन्हें गैस, एसिडिटी या ब्लोटिंग की शिकायत हो जाती है. लेकिन अगर मूली को सही तरीके से खाया जाए और सही ढंग से पकाया जाए, तो इसके साइड इफेक्ट्स को काफी हद तक कम किया जा सकता है. इस खबर में हम आपको बता रहे हैं कि सर्दियों में मूली कैसे खाएं, ताकि सेहत को नुकसान नहीं बल्कि फायदा मिले.

मूली में मौजूद पोषक तत्व

मूली को पोषक तत्वों का भंडार माना जाता है. इसमें विटामिन C, फाइबर और कई जरूरी न्यूट्रिएंट्स पाए जाते हैं. ह्यूमन न्यूट्रिशन एंड मेटाबॉलिज्म की एक स्टडी के मुताबिक, मूली में मौजूद तत्व ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल में रखने में मददगार हो सकते हैं. इससे डायबिटीज के खतरे को कुछ हद तक कम किया जा सकता है.
मूली में पानी की मात्रा अधिक होती है, जिससे शरीर हाइड्रेट रहता है और फाइबर की वजह से पाचन तंत्र भी बेहतर तरीके से काम करता है.

कौन-सी मूली है ज्यादा बेहतर

भारत में सबसे ज्यादा सफेद मूली का सेवन किया जाता है. लाल मूली का फ्लेवर ज्यादा स्ट्रॉन्ग होता है, जिस कारण कई लोग इसे पसंद नहीं करते. सफेद मूली में पानी की मात्रा अधिक होती है, इसलिए यह आसानी से पच जाती है. सही मूली का चुनाव भी गैस और अपच जैसी समस्याओं से बचाने में अहम भूमिका निभाता है.

मूली पकाने का सही तरीका

अगर आप नहीं चाहते कि मूली खाने से गैस बने, तो इसे पकाने के तरीके पर ध्यान देना जरूरी है. एक्सपर्ट्स के अनुसार, मूली को हल्के तरीके से पकाना बेहतर होता है.
अक्सर सर्दियों में लोग तेल-मसालों के साथ मूली की भुजिया बनाकर घी वाली रोटी के साथ खाते हैं, लेकिन यह तरीका पेट की समस्याओं को बढ़ा सकता है. इसकी बजाय मूली को स्टीम या शैलो फ्राई करके खाने से फाइबर सॉफ्ट हो जाता है और पचाने में आसानी होती है. इस तरीके से ब्लोटिंग और गैस का खतरा भी कम हो जाता है.

अचार और फर्मेंटेड मूली के फायदे

मूली को अचार या फर्मेंटेड फॉर्म में भी खाया जा सकता है. इस प्रक्रिया से इसमें प्रोबायोटिक्स बढ़ जाते हैं, जो गट हेल्थ के लिए फायदेमंद होते हैं. झटपट मूली का अचार बनाने के लिए इसके टुकड़े करें और एप्पल साइडर विनेगर में मैरीनेट करें. इसमें जरूरत के अनुसार नमक और चीनी मिलाएं. करीब आधे घंटे बाद टेस्टी मूली का अचार तैयार हो जाएगा.

मूली के साथ क्या मिलाकर खाएं

मूली को नींबू और अदरक के साथ खाने से पाचन तंत्र मजबूत होता है. अदरक में मौजूद एंटी-इंफ्लामेटरी गुण ब्लोटिंग को कम करने में मदद करते हैं. मूली की सलाद में नींबू का रस और काला नमक डालकर खाने से पेट की सेहत बेहतर रहती है. प्रोबायोटिक्स के लिए आप मूली को दही के साथ भी खा सकते हैं.

मूली खाने का सबसे बेहतर तरीका

मूली को सीमित मात्रा में और टुकड़ों में खाएं. ज्यादा मात्रा में खाने से पेट भारी होना तय है. धीरे-धीरे खाएं और शरीर के रिएक्शन पर ध्यान दें. अगर शरीर पॉजिटिव रिस्पॉन्स दे, तो धीरे-धीरे इसकी मात्रा बढ़ाई जा सकती है.

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