गौतम गंभीर की कोचिंग में भारत को एक और शर्मनाक हार, देखें रिकॉर्ड

गौतम गंभीर के कोच बनने के बाद भारतीय क्रिकेट टीम को कई शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा, जिसमें घरेलू टेस्ट सीरीज हार और क्लीन स्वीप जैसी घटनाएं शामिल हैं. हालांकि कुछ खिताबी जीतें मिलीं, लेकिन फैंस को निरंतर हार और रिकॉर्ड टूटने से गहरा निराशा हुई है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच के रूप में गौतम गंभीर की नियुक्ति के बाद उम्मीद थी कि वह अपने अनुभव और रुतबे के मुताबिक टीम को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे. हालांकि, हकीकत में टीम इंडिया को उनकी कोचिंग में कई निराशाजनक परिणामों का सामना करना पड़ा, जिससे पिछले कोचों की मेहनत भी धुलती नजर आई. गंभीर जुलाई 2024 में हेड कोच बने और तब से टीम ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं.

2025 एशिया कप में खिताबी जीत सराहनीय

2025 चैंपियंस ट्रॉफी और 2025 एशिया कप में खिताबी जीत जरूर सराहनीय रही, लेकिन इसके अलावा कई शर्मनाक नतीजे आए, जिन्हें भूलना ही बेहतर लगता है. भारत ने टेस्ट क्रिकेट में 12 साल में पहली बार घरेलू सीरीज हारी और 25 साल में पहली बार घरेलू टेस्ट में क्लीन स्वीप का सामना किया. इसके अलावा घरेलू टेस्ट में सबसे कम स्कोर (46) बनाया और रनों के लिहाज से सबसे बड़ी टेस्ट हार भी इस अवधि में दर्ज हुई.

रविवार, 18 जनवरी को इंदौर में भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरा वनडे 41 रन से गंवा दिया, जिससे सीरीज 1-2 से हाथ से निकल गई. यह भारत में न्यूजीलैंड की पहली वनडे सीरीज जीत थी और 2024 में टेस्ट सीरीज जीत के साथ उनकी यह उपलब्धि और भी ऐतिहासिक बन गई.

गौतम गंभीर की कोचिंग में भारत के प्रमुख नतीजे इस प्रकार रहे हैं:

1. श्रीलंका से पहली बार 1997 के बाद वनडे सीरीज हारी – अगस्त 2024
2. न्यूजीलैंड से पहली बार 1988 के बाद घरेलू टेस्ट हारी
3. पहली बार 2012 के बाद घरेलू टेस्ट सीरीज हारी – नवंबर 2024
4. पहली बार 2000 के बाद घरेलू टेस्ट में क्लीन स्वीप हुई – नवंबर 2024
5. घरेलू टेस्ट में सबसे कम स्कोर (46) बनाया – अक्टूबर 2024
6. रनों के लिहाज से सबसे बड़ी टेस्ट हार – नवंबर 2025
7. वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में पहली बार नहीं पहुंचा
8. 2015 के बाद पहली बार बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी हारी
9. न्यूजीलैंड से पहली बार घरेलू वनडे सीरीज हारी

पूर्व कोचों ने जो रिकॉर्ड बनाए या बनाए रखे, गंभीर के आने के बाद कई टूट गए. इन नतीजों ने भारतीय क्रिकेट फैंस को गहरा निराश किया. जबकि गंभीर की कोचिंग में कुछ सफलताएं मिली हैं, लेकिन निरंतर हार और इतिहास रचने वाले रिकॉर्ड टूटना उनकी जिम्मेदारी और आलोचना दोनों को बढ़ाता है. इस दौर में टीम इंडिया की स्थिरता और प्रदर्शन पर सवाल उठना स्वाभाविक है.

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