लड़की होकर क्रिकेट खेलेगी, गांववालों ने मारे ताने...घर की छोटी बेटी ने पाकिस्तान की बल्लेबाजी को किया तहस-नहस, जानें कौन हैं क्रांति गौड़
Kranti Gaud performance: भारत ने महिला वर्ल्ड कप 2025 में पाकिस्तान को लगातार पांचवीं बार हराया, जिसमें 22 वर्षीय तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने शानदार प्रदर्शन किया. उन्होंने 10 ओवर में 3 विकेट लिए और प्लेयर ऑफ़ द मैच बनीं. क्रिकेट में उनके संघर्ष और सफलता ने उन्हें युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बना दिया.

Kranti Gaud performance: एक बार फिर महिला वर्ल्ड कप में भारत और पाकिस्तान का मुकाबला हुआ और परिणाम वही रहा जो वर्षों से लगातार देखने को मिल रहा है. ICC महिला वर्ल्ड कप 2025 में भी टीम इंडिया ने पाकिस्तान को हराकर इस सिलसिले को जारी रखा. यह लगातार पांचवीं बार है जब भारतीय टीम ने वर्ल्ड कप में पाकिस्तान को मात दी. इस जीत का हीरो बनी 22 साल की युवा तेज गेंदबाज क्रांति गौड़, जो अपना पहला वर्ल्ड कप खेल रही थीं.
बल्लेबाजी में भी दिखाया हुनर
क्रांति गौड़ का योगदान केवल गेंदबाजी तक ही सीमित नहीं रहा. टीम इंडिया की बल्लेबाजी के दौरान उन्होंने 49वें ओवर में चौका लगाया और 50वें ओवर में बाउंड्री लगाकर अपनी आक्रामकता दिखाई. लेकिन असली कमाल क्रांति ने गेंदबाजी में दिखाया.
पाकिस्तानी बल्लेबाजों पर कहर
रेणुका सिंह के साथ नई गेंद साझा करते हुए क्रांति ने शुरुआत से ही पाकिस्तानी बल्लेबाजों को काबू में रखा. 8वें ओवर में उन्होंने सदफ शमस को आउट किया और 12वें ओवर में आलिया रियाज को पवेलियन भेजा. टीम इंडिया को अगले विकेट के लिए इंतजार करना पड़ा, लेकिन मध्य प्रदेश की यह युवा पेसर अंततः नतालिया परवेज को 16वें ओवर में पवेलियन भेजने में सफल रही. क्रांति ने 10 ओवर में सिर्फ 20 रन देकर 3 विकेट लिए और पहली बार वर्ल्ड कप में प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड जीता.
संघर्ष और प्रेरणा
क्रांति गौड़ की कहानी लाखों भारतीय महिलाओं और लड़कियों जैसी है, जिन्हें कभी न कभी उनकी पसंद और पेशेवर विकल्पों पर ताने सहने पड़ते हैं. मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के एक छोटे से गांव से आने वाली क्रांति छह भाई-बहनों में सबसे छोटी हैं. उनके गांव में लड़की होकर क्रिकेट खेलना एक चुनौतीपूर्ण निर्णय था, लेकिन परिवार ने उनका पूरा समर्थन किया. उनके पिता पुलिस में तैनात थे और नौकरी खोने के बाद भी उन्होंने बेटी के क्रिकेट के जुनून का साथ दिया.
लोकल टूर्नामेंट से वर्ल्ड कप तक
क्रांति ने अपने खेल की शुरुआत लोकल टूर्नामेंट से की. उस टूर्नामेंट में लड़कियों की टीम कम थी और खेल के दौरान उन्होंने 3 विकेट लेकर और 25 रन बनाकर मैच जीता. इसी प्रदर्शन ने उन्हें कोच राजीव बिलठारे की नजर में लाया. उनके टैलेंट को पहचानने के बाद उन्हें प्रशिक्षण और अवसर मिले, जिससे आज क्रांति वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करने में सफल हुईं.
भविष्य के लिए उम्मीद
क्रांति गौड़ की इस सफलता ने साबित कर दिया कि सही मार्गदर्शन और मेहनत से कोई भी खिलाड़ी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी चमक सकता है. टीम इंडिया अब 9 अक्टूबर को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अगले मुकाबले की तैयारी कर रही है और क्रांति जैसी युवा खिलाड़ियों की भूमिका टीम के लिए निर्णायक साबित होगी.


