छत्तीसगढ़ के धमतरी में 35 बच्चों ने काटी अपनी कलाई, जानिए पूरा मामला
छत्तीसगढ़ के धमतरी में 35 छात्रों ने किसी धारदार वस्तु से अपनी कलाइयों पर कट के निशान बना लिए थे. इस चौंकाने वाली घटना का खुलासा तब हुआ जब 13 फरवरी को अभिभावकों ने बच्चों के हाथों पर पुराने जख्मों के निशान देखे.

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के कुरूद विकासखंड स्थित दहदहा गांव के एक सरकारी माध्यमिक स्कूल में सामने आई घटना ने प्रशासन, अभिभावकों और शिक्षा विभाग की चिंता बढ़ा दी है. यहां पढ़ने वाले 35 छात्रों ने किसी धारदार वस्तु से अपनी कलाइयों पर कट के निशान बना लिए थे. इस चौंकाने वाली घटना का खुलासा तब हुआ जब 13 फरवरी को अभिभावकों ने बच्चों के हाथों पर पुराने जख्मों के निशान देखे और इसकी जानकारी स्कूल प्रबंधन को दी.
घटना करीब 15 से 20 दिन पहले की
जांच में पता चला कि यह घटना करीब 15 से 20 दिन पहले हुई थी और अब तक अधिकांश घाव भर चुके हैं, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में छात्रों द्वारा ऐसा कदम उठाना गंभीर सवाल खड़े कर रहा है. अभिभावकों की शिकायत के बाद स्कूल प्रशासन ने तुरंत मामले की जांच शुरू की. पूछताछ में छात्रों ने बताया कि उन्होंने एक-दूसरे को देखकर और प्रभावित होकर ऐसा किया. इसके बाद स्कूल प्रबंधन ने मामले की सूचना जिला प्रशासन को दी. तहसीलदार सूरज बंछोर ने बताया कि घटना नई नहीं है, बल्कि कुछ समय पहले हुई थी, लेकिन अब सामने आई है. प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू की.
मामले की जानकारी मिलते ही तहसीलदार, शिक्षा विभाग के अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग की टीम स्कूल पहुंची. डॉक्टरों ने बच्चों की जांच की और उनसे बातचीत की. प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि सभी छात्र अब शारीरिक रूप से स्वस्थ हैं और उनके घाव भर चुके हैं. हालांकि, डॉक्टरों ने आशंका जताई कि इसके पीछे मानसिक दबाव, नशे की प्रवृत्ति या किसी प्रकार का सामूहिक प्रभाव कारण हो सकता है. इस पहलू की भी गहराई से जांच की जा रही है.
35 छात्रों की कराई गई काउंसलिंग
स्थिति को देखते हुए 16 फरवरी को सभी 35 छात्रों की काउंसलिंग कराई गई. खंड शिक्षा अधिकारी चंद्र कुमार साहू ने बताया कि बच्चों को मानसिक रूप से मजबूत बनाने और सही दिशा में मार्गदर्शन देने के प्रयास किए जा रहे हैं. साथ ही, अभिभावकों और शिक्षकों से अपील की गई है कि वे बच्चों के व्यवहार पर लगातार नजर रखें और किसी भी असामान्य गतिविधि को नजरअंदाज न करें.
अधिकारियों का कहना है कि एक साथ इतने छात्रों का इस तरह का व्यवहार करना सामान्य नहीं है और इसके पीछे के कारणों का पता लगाना बेहद जरूरी है. प्रशासन, स्कूल प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग मिलकर मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं. फिलहाल सभी छात्र सुरक्षित हैं और उनके मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके.


