कोटा में एक और छात्र ने की आत्महत्या, साल की शुरूआत में यह तीसरा मामला, उड़ीसा से करने आया था पढ़ाई

कोटा में जनवरी 2025 में ही तीन छात्रों ने आत्महत्या कर ली है. पिछले कुछ सालों में कोटा से छात्रों के सुसाइड मामले की कई खबरें सामने आई हैं और अब यह सिलसिला इस साल फिर शुरू हो गया है. कोटा प्रशासन छात्रों का मानसिक तनाव दूर करने के लिए कई जरूरी कदम उठा रहा है लेकिन उनके सारे प्रयास बेनतीजा नजर आ रहे हैं.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

कोटा में तमाम प्रयासों के बावजूद सुसाइड का मामला थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. कोचिंग नगरी में एक और छात्र ने आत्महत्या कर ली है. जानकारी के अनुसार, छात्र ने अपने ही कमरे में फांसी का फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया. छात्र की उम्र सिर्फ 18 साल थी और वह कोटा के विज्ञाननगर इलाके में रहकर NEET की तैयारी कर रहा था.

18 वर्षीय छात्र उड़ीसा का रहने वाला था. सूचना के बाद मौके पर पहुंची विज्ञाननगर थाना पुलिस ने शव को नीचे उतरवाकर अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है. पुलिस ने सूचित किया कि नए साल के मात्र दो सप्ताह में कोचिंग स्टूडेंट्स सुसाइड का यह तीसरा मामला है. फिलहाल विज्ञाननगर थाना पुलिस पुरे मामले की जांच कर रही है.

इस साल यह तीसरा मामला

कोटा में साल 2025 की शुरुआत में ही तीन छात्रों के आत्महत्या करने की खबर सामने आई है. हाल ही में हरियाणा के रहने वाले नीरज ने मौत को गले लगा लिया था. नीरज आईआईटी जेईई की तैयारी कर रहा था और उसकी उम्र सिर्फ 19 साल थी. इसके बाद मध्य प्रदेश के गुना के रहने वाले अभिषेक ने भी आत्यहत्या कर ली थी. 

मध्य प्रदेश निवासी छात्र अभिषेक लोधा के कमरे से सुसाइड नोट भी मिला था, जिसमें उसने अपने परिवार के लोगों से माफी मांगते हुए लिखा था कि उसने बहुत मेहनत की है, लेकिन वह इस प्रतियोगी परीक्षा में पास नहीं हो पाएगा.  जानकारी के अनुसार, अभिषेक ने जब परिजनों का फोन नहीं उठाया तो परिजनों ने हॉस्टल वार्डन को फोन किया. इसके बाद जब वार्डन रूम पर पहुंचा तो छात्र ने गेट नहीं खोला. इसके बाद दरवाजा तोड़ा तो देखा कि छात्र ने अपने ही कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है. 

साल 2024 में 29 छात्रों ने किया था सुसाइड

बता दें कि साल 2024 में कोटा में कुल 19 स्टूडेंट्स ने सुसाइड किया था वहीं, साल 2023 में कुल 29 छात्रों के आत्महत्या के मामले सामने आए थे. गंभीर स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन में कई कदम उठाए थे. हॉस्टल के कमरों में एंटी हैंगिंग डिवाइस लगाई गई थीं, इसके अलावा छात्रों के लिए एक हेल्प्लाइन नंबर भी जारी किया था, जिससे छात्र अपने किसी भी परेशानी के लिए प्रशासन से बात कर सकते हैं.
 

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