भगवंत मान सरकार की सड़क क्रांति, 16 हजार करोड़ की लागत से बन रही 44,920 किलोमीटर सड़कें

पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में ग्रामीण सड़क निर्माण में खामोश क्रांति चल रही है. 19,373 किलोमीटर से बढ़ाकर 44,920 किलोमीटर सड़क नेटवर्क बनाने का लक्ष्य रखा गया है. फ्लाइंग स्क्वायड और जनता की निगरानी से निर्माण में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा रही है. ठेकेदारों की जिम्मेदारी पांच साल की मरम्मत तक है.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

पंजाब : पंजाब में इस समय एक अनोखी और खामोश क्रांति चल रही है, जो नारेबाज़ी या दिखावे की नहीं, बल्कि ठोस निर्माण और जनता की भलाई की आवाज़ है. गांव–गांव में डामर की खुशबू और JCB की आवाज़ खेतों तक सुनाई देती है, जबकि ट्रैक्टरों पर गिट्टी और रोलरों की लय जैसे पूरे राज्य में एक नया राग गा रही है. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सड़कों को केवल राजनीति का शो-पीस नहीं, बल्कि जनता के हक़ का विकास बनाने का फैसला किया है. पहले 19,373 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों पर काम चल रहा था, लेकिन अब इस लक्ष्य को बढ़ाकर 44,920 किलोमीटर सड़क नेटवर्क तक विस्तारित करने का रोडमैप तैयार किया गया है, जिसे जमीन पर दिखाई देने वाला विकास कहा जा सकता है.

निर्माण की पारदर्शिता और जिम्मेदारी का नया मॉडल

मान सरकार ने सिर्फ ठेके नहीं दिए, बल्कि पूरे सिस्टम के खेल के नियम बदल दिए. टेंडर के बदले कमीशन की पुरानी राजनीति को हटाकर साफ कहा गया कि सड़क अच्छी बनाओ और पैसा समय पर मिलेगा, लेकिन हेराफेरी की तो कोई गुंजाइश नहीं है. फ्लाइंग स्क्वायड का गठन किया गया, जो सड़क की मोटाई, गहराई और बिटुमेन की शुद्धता जैसी गुणवत्ता का तुरंत निरीक्षण करता है. अब शिकायतों का इंतज़ार नहीं किया जाता, सिस्टम शिकायत आने से पहले सतर्क रहता है. जब कहीं मटेरियल घटिया निकला, तो तुरंत टेंडर रद्द किए गए और अधिकारियों को निलंबित किया गया. ठेकेदार के लिए यह स्पष्ट संदेश था कि काम समय पर और गुणवत्ता के साथ करना अनिवार्य है.

जनता और पंचायत का सक्रिय सहभागिता मॉडल
सड़कों के निर्माण में सरपंच अब सिर्फ प्रशासनिक पदाधिकारी नहीं, बल्कि सड़क के गारंटर बन गए हैं. सड़क अच्छी बनी तो उनका हस्ताक्षर होना जरूरी है, तभी सरकार भुगतान करती है. जनता भी निर्माण का निरीक्षण कर सकती है; यदि किसी गाँव से वीडियो आए कि मटेरियल घटिया है, तो सरकार तुरंत कार्रवाई करती है. इस मॉडल में जनता केवल देख नहीं रही, बल्कि वे सुपरीक्षक की भूमिका निभा रही हैं. पांच साल की मरम्मत की जिम्मेदारी भी ठेकेदार पर है, जिससे सड़क जल्दी नहीं थकती और टिकाऊ बनती है.

सड़कों से जुड़ा सामाजिक और आर्थिक लाभ
तरनतारन साहिब में 17 अक्टूबर को 19,000 किलोमीटर सड़कों का उद्घाटन केवल एक समारोह नहीं, बल्कि पंजाब के अगले दशक की दिशा का प्रतीक है. मंडी बोर्ड, PWD, नगर निगम और नगर परिषदें अलग–अलग काम नहीं कर रही, बल्कि सब एक बड़े लक्ष्य की ओर काम कर रही हैं. सड़क नेटवर्क की मजबूती से व्यापारियों और किसानों को फायदा हो रहा है. माल और फसल समय पर मंडियों तक पहुँच रही है, गाँव से शहर तक का सफर सुगम हो गया है और एम्बुलेंस बिना रुकावट के अपने रास्ते पर जा सकती है. सड़कें केवल निर्माण का परिणाम नहीं, बल्कि पंजाब की नई आत्मविश्वास और विकास की नई भाषा बन रही हैं.

जनता के सामने विकास की वास्तविक गवाही
भाषण और योजनाएं बहुत हुईं, लेकिन यह जो खामोश क्रांति चल रही है, वह रिकॉर्ड बना रही है. विपक्ष और कार्यकर्ता इसे देख रहे हैं, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण यह है कि जनता इसे समझ रही है. घोषणाएं नहीं, बल्कि जमीन पर चलती मशीनें और काली डामर की लंबी लकीरें ही विकास की असली गवाही दे रही हैं. अब सड़कें केवल बन नहीं रहीं, टिक भी रही हैं, और यही पंजाब में सड़कों का नया युग है.

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