6 दिसंबर… बाबरी नाम और लाखों की भीड़; मस्जिद के शिलान्यास पर बड़ा सवाल-इतिहास से सीखेंगे या वही गलती दोहराने की हो चुकी है शुरुआत
सवाल बड़ा है-इतिहास का बोझ उठाया जा रहा है या सिर पर नई आग? सफीकुल ईंटें ढोकर पहुंचे हैं… बाबरी मस्जिद शिलान्यास के उस पल में अपना हिस्सा जोड़ने।

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में आज बड़ा धार्मिक और राजनीतिक आयोजन होने जा रहा है. तृणमूल कांग्रेस (TMC) के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर बाबरी मस्जिद की तर्ज पर बनाई जाने वाली एक मस्जिद का शिलान्यास करने वाले हैं. आयोजन स्थल पर दूर-दूर से लोग पहुंच रहे हैं, वहीं उत्तर बारासात निवासी मोहम्मद सफीकुल इस्लाम ईंटें सिर पर ढोते हुए स्थान पर पहुंचे और खुद को इस मस्जिद निर्माण का सहभागी बताते नजर आए.
#WATCH | Md Safiqul Islam says, "I will go where Humayun Kabir will lay the foundation stone for Babri Masjid. I am carrying bricks for Babri Masjid..." https://t.co/1HoonHA2IX pic.twitter.com/XEoVg0pOk7
— ANI (@ANI) December 6, 2025
ईंटें ढोते पहुंचे लोग
मोहम्मद सफीकुल इस्लाम ने कहा कि मैं सिर पर इन ईंटों को रखकर वहां ले जा रहा हूं जहां हुमायूं कबीर बाबरी मस्जिद की आधारशिला रखेंगे. मैं बाबरी मस्जिद निर्माण के लिए यहां आया हूं. उन्होंने कहा कि मस्जिद के निर्माण से उन्हें बेहद खुशी है.
आयोजन स्थल NH-12 के किनारे स्थित है, जहां राजनीतिक रैलियों जैसे बड़े स्तर पर तैयारियां चल रही हैं. कबीर ने बताया कि कार्यक्रम सुबह 10 बजे कुरान की आयतों के साथ शुरू होगा और दोपहर में शिलान्यास किया जाएगा.
कुल बजट और इंतजाम
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60–70 लाख रुपये का बजट, सऊदी अरब से बुलाए गए मौलवी
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समारोह में शामिल होने वालों के लिए भव्य इंतज़ाम किए जा रहे हैं.
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मेहमानों के लिए 40,000 पैकेट बिरयानी
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स्थानीय लोगों के लिए 20,000 पैकेट
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150×80 फुट का मंच, जिसकी लागत लगभग 10 लाख रुपये
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कुल आयोजन बजट: 60–70 लाख रुपये
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कबीर के अनुसार, इस कार्यक्रम में सऊदी अरब से मौलवियों को भी बुलाया गया है.
भाजपा नेता अर्जुन सिंह की चेतावनी
भाजपा नेता अर्जुन सिंह ने हुमायूं कबीर को चेतावनी देते हुए कहा कि बाबरी मस्जिद शैली में मस्जिद की आधारशिला रखने पर उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए हैं. राज्यपाल सी. वी. आनंद बोस ने लोगों से अफवाहों से बचने और शांति बनाए रखने की अपील की है. हाई कोर्ट ने रोक से किया इनकार, सांप्रदायिक तनाव की आशंका पर दाखिल हुई थी याचिका कलकत्ता हाई कोर्ट में दायर एक जनहित याचिका में यह कहते हुए आयोजन पर रोक लगाने की मांग की गई थी कि इससे क्षेत्र में सांप्रदायिक सद्भाव बिगड़ सकता है.
याचिका में कहा गया था कि कबीर द्वारा कथित अशोभनीय और अपमानजनक भाषा उपयोग करने से शांति भंग हो रही है. हालांकि अदालत ने इस मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया और शिलान्यास कार्यक्रम पर रोक नहीं लगाई.
कौन हैं हुमायूं कबीर?
कभी ममता बनर्जी की पहली कैबिनेट में मंत्री रहे हुमायूं कबीर आज TMC के सबसे विवादित नेताओं में गिने जाते हैं. राजनीतिक सफर के प्रमुख पड़ाव को देखा जाए तो 90 के दशक में युवा कांग्रेस से शुरुआत, 2011 में कांग्रेस टिकट पर रेजिनगर से विधायक. बाद में TMC में शामिल होकर मंत्री बने. अभिषेक बनर्जी को लेकर टिप्पणी के बाद 6 साल के लिए निष्कासित. 2016 में निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ा, हार गए. 2018 में भाजपा में शामिल, 2019 में लोकसभा चुनाव लड़ा, हार गए. 2021 में TMC में वापसी कर भरतपुर से जीते.
विवादित बयान और ताजा राजनीतिक भूचाल
2024 लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने दावा किया था कि वे हिंदुओं को दो घंटे के भीतर भागीरथी में फेंक सकते हैं, जिसके बाद उन्हें कड़ी आलोचना झेलनी पड़ी. अब छह दिसंबर बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी पर मस्जिद शिलान्यास की घोषणा ने एक बार फिर राज्य की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है.


