AIIMS के मातृ एवं शिशु ब्लॉक में लगी आग, कोई हताहत नहीं

दिल्ली के एम्स के मातृ एवं शिशु ब्लॉक में आग लगने और भारी बारिश के चलते जलभराव की घटनाएं सामने आईं. दमकल की 10 गाड़ियों ने आग पर काबू पाया, कोई हताहत नहीं हुआ. जलभराव से मरीजों को परेशानी हुई, अस्पताल प्रशासन ने निकासी के उपाय शुरू किए और अग्नि सुरक्षा ऑडिट की प्रक्रिया भी जारी है.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

दिल्ली के एम्स के मातृ एवं शिशु ब्लॉक में गुरुवार (14 अगस्त) को आग लग गई. दिल्ली फाटर डिपार्टमेंट ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि आग पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग की 10 गाड़ियां मौके पर तैनात की गईं. गनीमत रही कि आग की घटना में कोई हताहत नहीं हुआ. डीएफएस अधिकारी ने बताया कि आग लगने की सूचना शाम करीब 5.15 बजे मिली थी. उन्होंने कहा कि हमने 10 दमकल गाड़ियां अस्पताल भेजीं और अग्निशमन अभियान जारी है.

आग पर पाया काबू

आग लगने की सूचना मिलते ही अग्निशमन अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई की और आग पर प्रभावी ढंग से काबू पा लिया. आग ब्लॉक के अंदर लगी थी और दमकल की गाड़ियां तुरंत पहुंचकर आग पर काबू पा लिया. मरीजों, चिकित्सा कर्मचारियों और आसपास मौजूद अन्य लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आपातकालीन उपाय शुरू कर दिए गए.

कोई हताहत नहीं

एम्स के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि आग से किसी के घायल होने या किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है. मरीजों और कर्मचारियों को प्रभावित क्षेत्र से सुरक्षित निकाल लिया गया है और जहां तक संभव हो सका, नियमित चिकित्सा कार्य जारी रखे गए हैं या फिर से शुरू कर दिए गए हैं. आग से कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचा है, लेकिन प्रभावित सुविधाओं का आकलन और पुनर्निर्माण के प्रयास जारी हैं.

अग्नि सुरक्षा ऑडिट जारी है

यह घटना एम्स परिसर में अग्नि सुरक्षा संबंधी कमज़ोरियों के बारे में समय-समय पर दी जाने वाली चेतावनियों के बाद हुई है. संस्थान अग्नि सुरक्षा ऑडिट कर रहा है और निवारक प्रोटोकॉल लागू कर रहा है, जिसमें विद्युत प्रतिष्ठानों और अग्निशमन उपकरणों की नियमित जांच शामिल है.

AIIMS के प्राइवेट वार्ड में भरा पानी

इससे पहले राजधानी दिल्ली में हुई भारी बारिश के कारण एम्स के आपातकालीन विभाग के बाहर जलभराव हो गया. तेज़ बारिश के चलते परिसर के कई हिस्सों में पानी जमा हो गया, जिससे मरीजों, तीमारदारों और अस्पताल कर्मचारियों को आवाजाही में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा.

मरीजों को हुई असुविधा

जलभराव के कारण स्ट्रेचर और व्हीलचेयर के साथ आने-जाने में रुकावटें देखी गईं. मरीजों को असुविधा से बचाने के लिए अस्पताल प्रशासन ने अस्थायी व्यवस्थाएं कीं और पानी की निकासी के लिए नगर निगम को सूचित किया गया.

दिल्ली में मानसून सक्रिय है और लगातार बारिश की वजह से कई प्रमुख इलाकों में पानी भर गया है. एम्स जैसी अहम स्वास्थ्य संस्था में जलभराव होना चिंता का विषय है और यह साफ-सफाई और जल निकासी व्यवस्था की खामियों को उजागर करता है. प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जल्द से जल्द जल निकासी की समस्या का समाधान किया जाएगा ताकि मरीजों को कोई और परेशानी न हो.

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