Video : सरकारी जमीन पर बनी थी अवैध मजार...कोर्ट के आदेश के बाद देवरिया जिले में चला बाबा का बुलडोजर
उत्तर प्रदेश के देवरिया शहम में अवैध जमीन को अतिक्रमण कर बनाई गई अब्दुल गनी शाह बाबा की मजार को गिराने की कार्रवाई प्र्शासन के द्वारा शुरू कर दी गई है. यह मजार रेलवे ओवरब्रिज के पास सरकारी बंजर भूमि पर अवैध कब्जा करके बनाया गया था. कोर्ट के आदेश के बाद इस मजार को गिराने के लिए तीन बुलडोजर पहुंचे, जिसके बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू हो गई.

देवरिया : उत्तर प्रदेश के देवरिया शहर में अब्दुल गनी शाह बाबा की मजार को गिराने की कार्रवाई रविवार को शुरू कर दी गई. यह मजार रेलवे ओवरब्रिज के पास सरकारी बंजर भूमि पर अवैध अतिक्रमण करके बनाई गई थी. एसडीएम कोर्ट के आदेश के अनुसार प्रशासन ने तीन बुलडोजर मौके पर भेजकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई आरंभ की. मौके पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद थे, ताकि कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके.
दरअसल, प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई पूरी तरह से न्यायालय के आदेश के अनुसार की जा रही है. मजार को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था और इस मामले में एसडीएम व एएसडीएम सदर कोर्ट में सुनवाई होती रही. अदालत ने अपने फैसले में यह स्पष्ट किया कि मजार सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनाई गई है और इसे हटाना आवश्यक है.
सरकारी बंजर भूमि पर बनी है मजार
योगी सरकार का बुलडोज़र देवरिया स्थित अब्दुल गनी शाह बाबा की मजार पर चला…
— Mamta Tripathi (@MamtaTripathi80) January 11, 2026
फाइलों में ये मज़ार सरकारी बंजर भूमि पर अवैध अतिक्रमण करके बनाई गई थी। pic.twitter.com/W5GbfwHFu8
विधायक के शिकायत के बाद हुई कार्रवाई
मजार के प्रकरण को लेकर देवरिया सदर से भाजपा विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री को लिखित शिकायत दी थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि यह मजार सरकारी जमीन पर बनी है और यहां अवैध गतिविधियां होती हैं. विधायक की शिकायत के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया और कोर्ट की कार्रवाई को आगे बढ़ाया.
तीन बजे तीन बुलडोजर मौके पर पहुंचे
कोर्ट के आदेश के अनुपालन में रविवार को लगभग साढ़े तीन बजे तीन बुलडोजर मौके पर पहुंचे और मजार गिराने का काम शुरू किया गया. प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल भी मौजूद थे, ताकि कार्रवाई शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से पूरी हो सके. अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी कोर्ट के निर्देशों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.


