जहां होनी थी पढ़ाई, वहां हो रहा अश्लील डांस...मध्य प्रदेश का सरकारी स्कूल बना ठुमकों का अड्डा, प्रिंसिपल से मांगा जवाब
दतिया के सरकारी मिडिल स्कूल परिसर में अश्लील डांस का वीडियो वायरल होने से हड़कंप मच गया. शिक्षा विभाग ने जांच शुरू कर प्रिंसिपल से जवाब मांगा है. नियम उल्लंघन साबित होने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.

भोपालः मध्य प्रदेश के दतिया जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक सरकारी मिडिल स्कूल के परिसर में कथित तौर पर अश्लील डांस कार्यक्रम आयोजित किया गया. स्कूल परिसर में महिला डांसरों के आपत्तिजनक डांस और दर्शकों द्वारा उन पर पैसे उड़ाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग और प्रशासन हरकत में आ गया है. इस घटना ने न सिर्फ स्थानीय लोगों को हैरान किया है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की गरिमा पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
वायरल वीडियो ने खोली पोल
यह वायरल वीडियो दतिया जिले के परासरी गांव स्थित शासकीय मिडिल स्कूल का बताया जा रहा है. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि स्कूल के खुले परिसर को अस्थायी मंच में तब्दील कर दिया गया है. तेज आवाज में बजते संगीत पर महिला डांसर आपत्तिजनक अंदाज में नृत्य कर रही हैं. वहीं, सामने बैठे लोग उन पर नोट उड़ाते नजर आ रहे हैं. वीडियो में ग्रामीणों की बड़ी भीड़ भी दिखाई देती है, जो इस कार्यक्रम को उत्सव की तरह देख रही है.
जहां होनी थी पढ़ाई, वहां मनोरंजन
जिस स्थान पर बच्चों को पढ़ाई, अनुशासन और संस्कार सिखाए जाने चाहिए, उसी परिसर में इस तरह के आयोजन को लेकर लोगों में नाराजगी है. सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने सवाल उठाए हैं कि सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने की बातें करने वाली व्यवस्था में ऐसे आयोजन कैसे संभव हो गए. कई लोगों ने इसे शिक्षा के मंदिर की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य बताया है.
वीडियो वायरल होते ही प्रशासन सतर्क
वीडियो सामने आते ही शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया. अधिकारियों ने तत्काल मामले की जांच के निर्देश दिए. जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने स्कूल प्रबंधन से जवाब तलब करते हुए पूरे घटनाक्रम की जानकारी मांगी है. प्रशासन इस बात की भी पड़ताल कर रहा है कि आखिर यह कार्यक्रम किसकी अनुमति से और किन परिस्थितियों में आयोजित किया गया.
प्रिंसिपल की सफाई
स्कूल के प्रिंसिपल जगनारायण भगत ने इस पूरे मामले पर सफाई दी है. उनका कहना है कि इस कार्यक्रम के लिए स्कूल प्रशासन से किसी भी तरह की आधिकारिक अनुमति नहीं ली गई थी. उन्होंने दावा किया कि यह आयोजन स्कूल की छुट्टी के दौरान नए साल के जश्न के नाम पर कुछ लोगों द्वारा किया गया था. हालांकि, सवाल यह उठ रहा है कि बिना अनुमति स्कूल परिसर का उपयोग कैसे किया गया.
नियमों का उल्लंघन हुआ तो होगी कार्रवाई
जिला शिक्षा अधिकारी सुनील शुक्ला ने कहा कि वायरल वीडियो उनके संज्ञान में आया है और मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है. उन्होंने बताया कि स्कूल प्रिंसिपल से लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है. डीईओ ने स्पष्ट किया कि नियमों के अनुसार स्कूल परिसरों में केवल सामाजिक, धार्मिक या सांस्कृतिक प्रकृति के कार्यक्रमों की ही अनुमति होती है. किसी भी प्रकार का अश्लील या अनुचित कार्यक्रम नियमों का सीधा उल्लंघन है.
जांच के बाद तय होगी जिम्मेदारी
शिक्षा विभाग का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद यदि नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. इसमें स्कूल प्रबंधन से लेकर आयोजन कराने वाले लोग भी शामिल हो सकते हैं. फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रहा है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.


