'कालनेमि धर्म की आड़ में सनातन को कमजोर कर रहे...', शंकराचार्य विवाद के बीच CM योगी का तीखा प्रहार

शंकराचार्य विवाद के बीच सीएम योगी आदित्यनाथ ने चेतावनी दी धर्म के नाम पर सनातन को कमजोर करने वाले कई बहुत से गलत लोग हैं. समाज को इनसे सावधान रहना होगा. असली योगी-सन्यासी के लिए धर्म और राष्ट्र सर्वोपरि होते हैं, उनकी कोई निजी संपत्ति नहीं होती.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

उत्तर प्रदेश: प्रयागराज के माघ मेले में शंकराचार्य से जुड़े हालिया विवाद के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने धर्म, राष्ट्र और सनातन को लेकर सख्त और स्पष्ट संदेश दिया है. बिना किसी का नाम लिए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज धर्म की आड़ लेकर सनातन धर्म को कमजोर करने की कोशिशें की जा रही हैं, जिनसे समाज को सतर्क रहने की आवश्यकता है.

सीएम योगी ने ऐसे लोगों को ‘कालनेमि’ की संज्ञा देते हुए कहा कि ये तत्व बाहर से धार्मिक प्रतीत होते हैं, लेकिन भीतर से धर्मविरोधी एजेंडे पर काम करते हैं. उनका संदेश साफ था कि सनातन की रक्षा दिखावे से नहीं, बल्कि शुद्ध आचरण से होती है.

धर्म और राष्ट्र संन्यासी की असली पहचान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक योगी, संत या संन्यासी के लिए धर्म और राष्ट्र से बढ़कर कुछ नहीं होता. उन्होंने स्पष्ट किया कि संन्यासी की कोई व्यक्तिगत संपत्ति नहीं होती, उसकी वास्तविक संपत्ति धर्म होता है और राष्ट्र ही उसका स्वाभिमान. उनके अनुसार, जो व्यक्ति धर्म के विरुद्ध आचरण करता है, वह किसी भी रूप में हो, सनातन परंपरा का प्रतिनिधि नहीं माना जा सकत.

‘कालनेमि’ शब्द का गहरा अर्थ

सीएम योगी द्वारा इस्तेमाल किया गया कालनेमि शब्द रामायण से जुड़ा है. कालनेमि एक मायावी असुर था, जिसने साधु का वेश धारण कर हनुमान को भ्रमित करने का प्रयास किया था. बाहर से धर्मात्मा दिखने वाला यह असुर भीतर से भगवान राम के कार्य में बाधा डालना चाहता था. अंततः हनुमान ने उसके छल को पहचान लिया और उसका वध कर दिया.

शंकराचार्य विवाद के बीच बयान का संदेश

मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है, जब मौनी अमावस्या पर शंकराचार्य और उनके लोग रथ से स्थान करने को लेकर विवाद चर्चा में है. हालांकि सीएम योगी ने किसी व्यक्ति या संस्था का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके वक्तव्य को मौजूदा घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है. संदेश यह रहा कि सनातन धर्म की रक्षा आचरण की शुद्धता से होती है, न कि केवल परंपराओं से.

सीएम योगी का अपील

सीएम योगी ने समाज से अपील की कि धर्म केवल वेश या शब्दों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि आचरण में परिलक्षित होना चाहिए. उन्होंने धर्म के नाम पर फैलाए जा रहे भ्रम और दिखावे से सावधान रहने को कहा और दोहराया कि सनातन धर्म ने हमेशा सत्य, संयम और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा है.

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