'जूतों की माला पहनाकर नंगा घुमाओ…', कथावाचकों को लेकर पूर्व विधायक आरडी प्रजापति का विवादित बयान
मध्य प्रदेश के पूर्व विधायक आरडी प्रजापति ने बड़े कथावाचकों पर बड़ा हमला बोला है. उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री, राधा माधव दास और अनिरुद्धाचार्य पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि ये संत महिलाओं के बारे में अपमानजनक और अश्लील भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं.

मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. छतरपुर जिले की चंदला विधानसभा सीट से पूर्व विधायक आरडी प्रजापति ने कथावाचकों और कुछ चर्चित धर्मगुरुओं को लेकर बेहद आपत्तिजनक और तीखे बयान दिए हैं. भोपाल में आयोजित एक महासम्मेलन के दौरान दिए गए उनके भाषण का वीडियो और बयान सामने आने के बाद सियासी हलकों में हलचल मच गई है.
रविवार को भोपाल के भेल दशहरा मैदान में अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग संयुक्त मोर्चा के महासम्मेलन को संबोधित करते हुए आरडी प्रजापति ने कथावाचकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की. उन्होंने न सिर्फ उन्हें जूतों की माला पहनाकर घुमाने की बात कही, बल्कि कई धर्मगुरुओं पर महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक भाषा इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया.
कथावाचकों पर तीखा हमला
पूर्व विधायक आरडी प्रजापति ने अपने भाषण में कहा कि कुछ कथावाचक और धर्मगुरु देशभर में करोड़ों लोगों की भीड़ जुटाकर महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक और अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती, जो बेहद चिंताजनक है.
उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि संतोष वर्मा को आईएएस से हटा दिया जाए, लेकिन पहले उनको (कथावाचकों को) जूतों की माला पहनाकर नंगा घुमाया जाए, जो व्यास पीठ से ऐसा बोलते हैं.
रामभद्राचार्य पर की टिप्पणी
आरडी प्रजापति ने जगद्गुरु रामभद्राचार्य पर भी निशाना साधते हुए उन्हें अंधाचार्य कहा और उनकी मां को लेकर भी अभद्र टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि एक अंधाचार्य है, वह कहता है कि वाइफ मतलब वंडरफुल इंस्ट्रूमेंट फॉर एंजॉय. उनके इस बयान के बाद धार्मिक और राजनीतिक दोनों ही हलकों में नाराजगी देखी जा रही है.
धीरेंद्र शास्त्री और अनिरुद्धाचार्य पर भी सवाल
पूर्व विधायक ने कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री और अनिरुद्धाचार्य का नाम लेते हुए उन पर महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक उपमाएं देने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि अब बहन-बेटियां तो प्लॉट हो गई हैं. कोई भी सौ बार रजिस्ट्री कराओ, हजार बार रजिस्ट्री कराओ. बहन-बेटियों की छाती से पृथ्वी हिलने लगी है, ये अनिरुद्धाचार्य कहते हैं.
महिलाओं को ‘प्लॉट’ कहने पर आपत्ति
आरडी प्रजापति ने महिलाओं को ‘खाली प्लॉट’ कहे जाने पर कड़ा ऐतराज जताया. उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कोई महिला विधवा हो जाती है, तो क्या उसका सिंदूर और मंगलसूत्र हट जाने से वह ‘खाली प्लॉट’ बन जाती है.
उन्होंने कहा कि प्लॉट का मतलब जमीन होता है, जिसे बार-बार खरीदा और बेचा जा सकता है. क्या समाज अपनी बहन-बेटियों को भी उसी नजर से देखेगा?
राजनीतिक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि आरडी प्रजापति वर्ष 2013 में बीजेपी के टिकट पर चुनाव जीतकर विधायक बने थे. 2018 में बीजेपी ने उनके बेटे राजेश प्रजापति को टिकट दिया था, जो 2023 तक विधायक रहे. वहीं, आरडी प्रजापति ने 2024 का लोकसभा चुनाव सपा के टिकट पर टीकमगढ़ से लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा.


