सूटकेस में मिला जला शव, चचेरे भाई-बहनों का प्रेम: दिल्ली में पुलिस ने किया पर्दाफाश
दिल्ली के गाजीपुर इलाके में 26 जनवरी को एक महिला की जली हुई लाश मिली, जिसे सूटकेस में बंद कर नष्ट किया गया था. प्रारंभिक जांच के बाद पता चला कि यह हत्या एक लिव-इन रिलेशनशिप के कारण हुई थी. घटना में दो व्यक्तियों का हाथ था. पुलिस ने इस हत्याकांड की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

26 जनवरी की सुबह दिल्ली पुलिस को गाजीपुर के एक सुनसान इलाके में एक संदिग्ध सूटकेस मिलने की सूचना मिली. जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तो उन्हें एक कार के अंदर पूरी तरह से जली हुई महिला की लाश मिली. शव की पहचान नहीं हो पाई, लेकिन फोरेंसिक जांच से यह पाया गया कि महिला की उम्र 20 से 35 साल के बीच है. पुलिस को मामले में कोई सुराग नहीं मिला, लेकिन सीसीटीवी फुटेज की मदद से जांच में सफलता दी.
सीसीटीवी फुटेज और संदिग्ध कार
सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में पुलिस को एक संदिग्ध हुंडई वर्ना कार नजर आई, जो शव मिलने से कुछ घंटे पहले गाजीपुर के इलाके से गुजर रही थी. पुलिस ने कार के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर लोनी निवासी एक व्यक्ति तक पहुंचने में सफलता पाई. बाद में पता चला कि यह कार गाजियाबाद में रहने वाले 22 वर्षीय कैब ड्राइवर अमित तिवारी के पास थी, जिसने कार पहले किसी अन्य व्यक्ति को बेची थी. इसके बाद पुलिस ने अमित तिवारी और उसके दोस्त अनुज कुमार को गिरफ्तार कर लिया.
लिव-इन रिलेशनशिप और हत्या का कारण
पूछताछ के दौरान अमित तिवारी ने खुलासा किया कि मृतक महिला उसकी 22 वर्षीय चचेरी बहन शिल्पा पांडे थी, जिसके साथ वह एक साल से लिव-इन रिलेशनशिप में था. शिल्पा शादी के लिए अमित पर दबाव बना रही थी, जबकि अमित उससे रिश्ता खत्म करने की कोशिश कर रहा था. इस दौरान शिल्पा ने अमित को और उसके परिवार को झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी.
25 जनवरी की रात को दोनों के बीच नशे की हालत में तीखी बहस हुई और गुस्से में आकर अमित ने शिल्पा का गला घोंटकर हत्या कर दी. इसके बाद, उसने अपने दोस्त अनुज की मदद से शिल्पा के शव को एक सूटकेस में भरा और उसे ठिकाने लगाने के लिए निकल पड़े.
सूटकेस में आग और पुलिस की गिरफ्तारी
अमित और अनुज ने शव को पश्चिमी उत्तर प्रदेश ले जाने की योजना बनाई, लेकिन रास्ते में दो चौकियों को पार करने के बाद उन्होंने दिल्ली के पास एक सुनसान स्थान को चुना. वहां, दोनों ने शव को सूटकेस में रखकर आग लगा दी, ताकि सबूत नष्ट हो सके. पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और शिल्पा के परिवार को इस दुखद घटना की जानकारी दी. इस खौफनाक हत्याकांड की जांच अब दिल्ली पुलिस की चार टीमें कर रही हैं. मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है.


