Barelly Violence: आज भी बंद इंटरनेट, मौलाना तौकीर को दूसरी जेल में शिफ्ट किया गया, जांच में क्या मिला अब तक?

Barelly Violence: बरेली हिंसा मामले में पुलिस ने 10 FIR दर्ज कर 8 लोगों को गिरफ्तार किया, जिसमें मौलाना तौकीर रजा भी शामिल हैं. जुम्मे की नमाज के बाद भड़की हिंसा पर सीएम योगी ने सख्त चेतावनी दी कुछ लोग आदतन अराजकता फैलाते हैं, उनकी 'डेंटिंग-पेंटिंग' जरूरी है. पुलिस कार्रवाई तेज.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

Barelly Violence: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद ‘I Love Mohammed’  पोस्टर विवाद के कारण हिंसा भड़क उठी. इस हिंसा को भड़काने के आरोप में पुलिस ने मौलाना तौकीर रजा समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है. तनावपूर्ण माहौल को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने 48 घंटे के लिए इंटरनेट सेवा बंद करने का आदेश जारी किया है जो अभी भी जारी है. वहीं मौलाना तौकीर को शनिवार रात गुपचुप तरीके से दूसरे जिले की जेल में स्थानांतरित कर दिया गया. बरेली में हुई हिंसा ने न केवल इलाके की सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित किया है बल्कि प्रदेश की राजनीति में भी गर्माहट पैदा कर दी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए मौलाना पर तीखा हमला बोला है जबकि सपा ने इस घटना की निष्पक्ष जांच के लिए सिटिंग जज से जांच कराने की मांग उठाई है. 

मौलाना तौकीर समेत 8 आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने शुक्रवार को हुई हिंसा के बाद कड़ी कार्रवाई करते हुए शनिवार को मौलाना तौकीर रजा खान सहित आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है. उनके खिलाफ विभिन्न थानों में दस मुकदमे दर्ज किए गए हैं. मौलाना तौकीर पर बलवा भड़काने का आरोप लगाया गया है.

 इंटरनेट सेवा बंद

बरेली जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए 27 सितंबर की रात 12:30 बजे से लेकर 29 सितंबर की रात 12:30 बजे तक इंटरनेट सेवा बंद रखने का आदेश दिया गया है. इस दौरान जिले में टेलीकॉम सेवाएं पूरी तरह निलंबित रहेंगी. जानकारी के अनुसार मौलाना तौकीर रजा को गुपचुप तरीके से फतेहगढ़ की सेंट्रल जेल में शिफ्ट कर दिया गया है. जेल प्रशासन में उनकी उपस्थिति के बाद सुरक्षा व्यवस्था और भी कड़ी कर दी गई है.

हिंसा स्थल से पुलिस को मिला हथियार और पत्थर

बरेली के एसएसपी और डीएम ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि हिंसा वाली जगह से पुलिस को भारी पत्थर, जूतों का ढेर, कारतूस का खोखा, जिंदा कारतूस, एक तमंचा, लाठी-डंडे और पेट्रोल की बदबूदार खाली बोतलें मिली हैं.

घटना की गहराई से समीक्षा

योगी सरकार ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए 10 सदस्यीय एसआईटी गठित की है, जो पूरी घटना की निष्पक्ष जांच करेगी. डीआईजी अजय कुमार साहनी ने बताया कि हिंसा के दौरान 22 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. प्रदर्शनकारियों ने सोशल मीडिया के जरिए एकजुट होकर पत्थराव और गोलीबारी की योजना बनाई थी. मामले की जांच अभी भी जारी है. वहीं एसएसपी अनुराग आर्य के अनुसार जिले में अलग-अलग जगहों पर हुए हिंसक प्रदर्शनों के मामले में अब तक कुल 39 लोगों को हिरासत में लिया गया है. 10 एफआईआर दर्ज की गई हैं.

CM योगी का सख्त संदेश

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मौलाना भूल गया था कि यूपी में शासन किसका है. ना जाम होगा, ना कर्फ्यू लगेगा, लेकिन ऐसा सबक सिखाएंगे कि आने वाली पीढ़ी दंगा करना भूल जाएगी. उनकी सात पीढ़ियां भी इसका सबक याद रखेंगी.

सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि प्रदेश सरकार जनता की आवाज दबा रही है. उन्होंने बरेली में हुए बर्बर लाठीचार्ज की जांच मौजूदा न्यायाधीश से कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा कि ‘I Love Mohammed’ पर विवाद की कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए. उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को बड़ी साजिश बताया और भाजपा पर आरोप लगाए. वहीं अखिल भारत हिंदू महासभा ने दंगा भड़काने वालों के खिलाफ की सख्त कार्रवाई की मांग की. शिशिर चतुर्वेदी ने कहा कि दंगा भड़काने वालों का एनकाउंटर होना चाहिए, चाहे वह सुमैया राणा हो या मौलाना तौकीर रजा. उन्होंने चेतावनी दी कि अलगाव की राजनीति करने वालों को कठोर सबक मिलेगा.

मंत्री संजय निषाद का हिंसा पर कड़ा रुख

उत्तर प्रदेश के मंत्री संजय निषाद ने कहा कि देश में हिंसा की कोई जगह नहीं है. उन्होंने प्रदेश में माफिया और दहशतगर्दों के खिलाफ सख्ती का समर्थन किया और योगी सरकार के दंगे, भ्रष्टाचार और अपराध मुक्त यूपी के वादे को याद दिलाया.

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