पिछली सरकारों ने वजीफा घोटाला किया और वजीफा राशि जारी नहीं की जिससे विद्यार्थी परीक्षाओं में नहीं बैठ सके-मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान 

पंजाब सरकार ने अनुसूचित जाति, ओबीसी, अल्पसंख्यक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्रों के लिए छात्रवृत्ति योजनाएं शुरू की हैं. इन योजनाओं का उद्देश्य इन वर्गों के छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में मदद करना है. आवेदकों को पंजाब सरकार की वेबसाइट पर आवेदन करना होगा और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

पंजाब : जालंधर के पी.ए.पी. ग्राउंड में अनुसूचित जाति वर्ग के 2.7 लाख से अधिक विद्यार्थियों को पोस्ट-मैट्रिक वजीफा वितरण की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इसे 'रंगला पंजाब' मिशन की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया. उन्होंने 271 करोड़ रुपये की इस योजना से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में मदद मिलने पर जोर दिया.

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वजीफा केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार है, जो विद्यार्थियों को पैसे की कमी के कारण सपने छोड़ने से बचाता है. योजना के तहत 2.50 लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले परिवारों के छात्र लाभान्वित हो रहे हैं और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से चल रही है.

लाभार्थियों में 35 प्रतिशत वृद्धि और सुधारों का असर
मुख्यमंत्री ने बताया कि 2020-21 की तुलना में 2024-25 में लाभार्थियों की संख्या में 35 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो सरकार के शिक्षा सुधारों की सफलता को साबित करती है. बजट को 245 करोड़ से बढ़ाकर 271 करोड़ किया गया है. धोखाधड़ी रोकने के लिए पहली बार बायो-प्रमाणिकता अनिवार्य की गई है और डा. अंबेडकर स्कॉलरशिप पोर्टल पर जवाबदेही वाली व्यवस्था लागू है. मान ने कहा कि पुरानी व्यवस्था में फंड जारी करने में देरी और दुरुपयोग के कारण छात्र परीक्षाओं से वंचित रह जाते थे, लेकिन अब यह सिस्टम पूरी तरह दुरुस्त कर दिया गया है.

पिछली सरकारों पर घोटाले का आरोप
मुख्यमंत्री ने 2017 से 2020 के दौर को याद करते हुए कहा कि पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना लगभग ठप हो गई थी और फंडों में बड़ा घोटाला हुआ. तत्कालीन मंत्री ने अपने ही समुदाय के साथ धोखा किया, जिससे अनुसूचित जाति के विद्यार्थी शिक्षा से वंचित रहे और उनकी डिग्रियां रोक ली गईं. मान ने कांग्रेस, अकाली और भाजपा पर परिवारवाद और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि ये पार्टियां अपने हितों पर ध्यान देती रहीं, जबकि आम आदमी पार्टी केवल पंजाब के नौजवानों के भविष्य को सुरक्षित करने पर केंद्रित है.

बाबा साहिब अंबेडकर की विचारधारा से प्रेरित पहल
मुख्यमंत्री ने बाबा साहिब अंबेडकर की शिक्षाओं का जिक्र करते हुए कहा कि शिक्षा सामाजिक असमानता और पिछड़ेपन को जड़ से खत्म करने का सबसे शक्तिशाली हथियार है. उन्होंने संत राम उदासी की कविता साझा कर युवाओं से कड़ी मेहनत करने की प्रेरणा दी. माता-पिता की कुर्बानियों की सराहना करते हुए मान ने कहा कि शिक्षा ही गरीबी के चक्र को तोड़ सकती है. यह योजना कमजोर वर्गों की तकदीर बदलने का माध्यम बनी है और पंजाब में सामाजिक न्याय की प्रतिबद्धता को मजबूत कर रही है.

65 लाख परिवारों को 10 लाख तक कैशलेस इलाज
मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की अन्य योजनाओं का भी जिक्र किया, जैसे मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना से 65 लाख परिवारों को 10 लाख तक कैशलेस इलाज, 881 आम आदमी क्लिनिक, 90 प्रतिशत परिवारों को मुफ्त बिजली, 19 टोल प्लाजा बंद कर रोजाना 64 लाख रुपये की बचत, 63,027 पारदर्शी सरकारी नौकरियां और खालों के 6,900 किलोमीटर हिस्से का पुनर्निर्माण. पंजाब ने नेशनल अचीवमेंट सर्वे में केरल को पीछे छोड़ दिया है.सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास, आधुनिक लैब, खेल मैदान और विदेशी प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं.

लाभार्थी विद्यार्थियों ने भावुक होकर अनुभव साझा किए, जिसमें एमबीबीएस छात्र दिलप्रीत सिंह, हरशिता, सुरसंगम कौर और नवांश सिद्धू ने योजना को जीवन बदलने वाली बताया. कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा, डॉ. बलजीत कौर और अन्य नेता भी मौजूद थे. यह कार्यक्रम पंजाब के कमजोर वर्गों के लिए नई उम्मीदें जगाता है और शिक्षा के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन की दिशा में मजबूत कदम है.

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