रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार पंजाब के DIG एच.एस भुल्लर सस्पेंड

DIG H.S. Bhullar Bribery case : पंजाब के डीआईजी एच.एस. भुल्लर को रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार किए जाने के बाद सरकार ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. भुल्लर पर कथित रूप से रिश्वत लेने का आरोप है. जांच एजेंसियां उनसे पूछताछ कर रही हैं. इस कार्रवाई से पंजाब पुलिस की छवि को झटका लगा है और सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती उजागर हुई है.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

DIG H.S. Bhullar Bribery case : पंजाब सरकार ने रिश्वतखोरी के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर को निलंबित कर दिया है. गृह विभाग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, गिरफ्तारी के 48 घंटे बाद उन्हें स्वतः प्रभाव से निलंबित माना गया है. यह कार्रवाई अखिल भारतीय सेवा नियम 3(2) के तहत की गई है, जो किसी अधिकारी के आपराधिक आरोप में हिरासत में रहने पर लागू होती है.

भ्रष्टाचार के आरोप और CBI की गिरफ्तारी

सीबीआई ने 16 अक्टूबर 2025 को भुल्लर को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 7ए के तहत गिरफ्तार किया. यह कार्रवाई फतेहगढ़ साहिब के कबाड़ व्यापारी आकाश भट्टा की शिकायत पर हुई थी, जिसमें भुल्लर पर आरोप था कि उन्होंने पुराने मामले को खत्म कराने के लिए 8 लाख रुपए रिश्वत मांगी थी. सीबीआई ने भुल्लर को मोहाली के कार्यालय से हिरासत में लिया था.

छापेमारी में बड़ी मात्रा में नकदी और संपत्ति बरामद
गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने भुल्लर के चंडीगढ़ स्थित आलीशान घर और समराला फार्महाउस पर छापेमारी की. इस दौरान 7.50 करोड़ रुपए नकद, 2.5 किलो सोना, 26 महंगी घड़ियां, विदेशी शराब और हथियार बरामद किए गए. फार्महाउस से 108 शराब की बोतलें, 15.70 लाख रुपए नकद और जिंदा कारतूस भी मिले. तलाशी के दौरान लक्जरी वाहनों की चाबियां, लॉकर की चाबियां और अचल संपत्ति के दस्तावेज भी मिले, जो फोरेंसिक जांच के लिए एजेंसी ने सुरक्षित कर लिए हैं.

बिचौलिए की गिरफ्तारी और रिश्वतखोरी का तरीका
सीबीआई ने भुल्लर के साथ उसके बिचौलिए को भी गिरफ्तार किया है, जिसके पास से 21 लाख रुपए नकद बरामद हुए. एजेंसी के मुताबिक, बिचौला ही व्यापारी से रकम वसूलने का काम करता था. डीआईजी भुल्लर ने व्यापारी के केस को खत्म करने और कबाड़ व्यवसाय को जारी रखने के लिए हर महीने रिश्वत मांगनी शुरू कर दी थी.

सरकारी आदेश और नियम का पालन
गृह विभाग के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि 48 घंटे से अधिक समय तक किसी भी अधिकारी की न्यायिक या आधिकारिक हिरासत की स्थिति में स्वतः निलंबन लागू होगा. इस आदेश पर पंजाब सरकार के गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अलोक शेखर के हस्ताक्षर भी हैं.

यह मामला पंजाब में भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का उदाहरण है, जिसमें उच्च पदस्थ अधिकारी भी भ्रष्टाचार के दायरे में आए हैं. जांच अभी जारी है और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद और भी जानकारी सामने आएगी.

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