टिकट, जयचंद और टूटता भरोसा...राजद की हार पर तेजप्रताप का अंदरूनी सच

लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेजप्रताप यादव ने एक पॉडकास्ट के ज़रिए राजनीति, परिवार और नेताओं पर खुलकर अपनी राय रखी है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के प्रमुख तेजप्रताप यादव ने एक पॉडकास्ट के ज़रिए राजनीति, परिवार और नेताओं पर खुलकर अपनी राय रखी. यूट्यूबर प्रियंका शर्मा के साथ बातचीत में तेजप्रताप यादव ने न सिर्फ राष्ट्रीय जनता दल (राजद) से अलग होने की वजह बताई, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, राहुल गांधी और अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव पर भी बेधड़क टिप्पणी की.

पॉडकास्ट में क्या बोले तेजप्रताप यादव?

पॉडकास्ट में जब उनसे पूछा गया कि बिहार विधानसभा चुनाव में राजद के 25 सीटों तक सिमटने की एक वजह उनका अलग होना भी माना जा रहा है, तो तेजप्रताप यादव ने इसे सम्मान से जोड़कर देखा. उन्होंने कहा कि जब किसी का मान-सम्मान नहीं होता तो अलग रास्ता चुनना ही पड़ता है. उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से कहा कि जब 'कृष्ण का सम्मान नहीं होगा' तो ऐसा ही अंजाम होगा. इसी सम्मान की लड़ाई में उन्होंने अपनी अलग राजनीतिक लकीर खींची.

टिकट बंटवारे के दौरान राजद पर पैसों की मांग के आरोपों पर तेजप्रताप यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि इस तरह के काम 'जयचंदों' द्वारा किए जाते हैं. हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन संकेत दिया कि ऐसे 5-6 लोग हैं जो पार्टी और परिवार के भीतर ही मौजूद हैं. उनका कहना था कि असली दुश्मन बाहर नहीं, बल्कि घर के अंदर होता है और राजनीतिक सलाहकारों का परिपक्व होना बेहद ज़रूरी है.

तेजस्वी यादव के चुनाव हार के बाद विदेश दौरे पर जाने को लेकर भी तेजप्रताप ने असहमति जताई. उन्होंने कहा कि हार के बाद तुरंत समीक्षा होनी चाहिए थी, जैसा उन्होंने खुद किया. उनके अनुसार, हार के लिए वही जयचंद जिम्मेदार हैं. बड़े भाई के रूप में अपनी भूमिका पर उन्होंने कहा कि उन्होंने अपना कर्तव्य निभा दिया है.

परिवार को लेकर भावुक हुए तेजप्रताप यादव 

परिवार को लेकर तेजप्रताप यादव भावुक नज़र आए. उन्होंने बताया कि वे मां राबड़ी देवी से आशीर्वाद लेने गए थे और तभी उन्होंने साफ कर दिया था कि अब वह अपनी अलग राह पर आगे बढ़ चुके हैं. बहन रोहिणी आचार्य के बारे में उन्होंने कहा कि आरोपों के बाद दोनों के बीच बातचीत हुई थी और रोहिणी भावुक थीं. उन्होंने बहन की तारीफ करते हुए याद दिलाया कि रोहिणी ने पिता लालू यादव को किडनी दान की थी.

'लालू राज खत्म' वाली टिप्पणी पर तेजप्रताप यादव ने कहा कि राजा-प्रजा जैसी कोई बात नहीं होती. समय बदल चुका है और राज भी बदल जाते हैं. वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उन्होंने पूरे 10 में से 10 अंक दिए. उनका कहना था कि मोदी पूजा-पाठ करते हैं और इस कारण वे उन्हें पूरा नंबर देते हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि उनमें कोई कमी नहीं है, सिर्फ एक वीडियो विवाद की वजह से गलत छवि बनी.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो

close alt tag