CM योगी को ऐसे टक्कर दे रहे हैं अखिलेश, जानें क्या है पोस्टर गेम?

Uttar Pradesh By Election: देश के दो राज्यों में विधानसभा चुनाव के साथ ही देशभर की कई सीटों पर उपचुनाव हो रहे हैं. ऐसे में सियासी पारा और हाई है. इस बीच उत्तर प्रदेश में पोस्टर गेम शुरू हो गया है. CM योगी आदित्यनाथ के नारे पर लगे पोस्टरों का SP नेता अखिलेश यादव ने जवाब दिया है.

Shyamdatt Chaturvedi

Uttar Pradesh By Election: उत्तर प्रदेश में उपचुनाव के बीच कई मुद्दे चर्चा विषय बने हुए हैं. इन राजनीतिक परिस्थितियों में सीएम योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव के बीच पोस्टर गेम शुरू हो गया है. हाल के दिनों में CM योगी ने कटेंगे तो बटेंगें का नारा दिया था. कार्यकर्ताओं ने इसी नारे के साथ पोस्टर लगाए हैं. अब इसका टक्कर देने के लिए अखिलेश यादव ने तोड़ निकाला है और उन्होंने भी एक पोस्टर जारी किया है. ऐसे में प्रदेश में उप चुनाव के बीच पोस्टर गेम शुरू हो गया है. आइये जानें क्या है ये मामला?

उप चुनाव के बीच पोस्टर युद्ध ने दोनों दलों के बीच आरोप प्रत्यारोप के दौर को बढ़ा दिया है. वहीं दोनों पोस्टर सोशल मीडिया पर भी जमकर वायरल हो रहे हैं. इस पर प्रदेश की सियासत में चर्चा शुरू हो गई है. दोनों दलों के समर्थक एक दूसरे पर कटाक्ष कर रहे हैं.

'बंटेंगे तो कटेंगे' का संदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में एक रैली में कहा कि यदि समाजवादी पार्टी (सपा) का वोट बैंक बंटता है, तो इसका परिणाम हानिकारक होगा. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता को एकजुट होकर भाजपा का समर्थन करना चाहिए, क्योंकि बंटवारे का कोई लाभ नहीं होता. उनका यह बयान स्पष्ट संकेत करता है कि वे चुनाव में एकजुटता पर जोर दे रहे हैं. उन्होंने कहा था कि याद रखिए 'बंटेंगे तो कटेंगे'. 

'जुड़ेंगे तो जीतेंगे'

दूसरी ओर, अखिलेश यादव ने योगी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी सभी वर्गों को जोड़कर चलने वाली पार्टी है. उन्होंने कहा कि यदि लोग एकजुट होकर भाजपा का सामना करें, तो सफलता अवश्य प्राप्त होगी. उनका यह संदेश एकजुटता और सहयोग पर आधारित है, जिसका लक्ष्य चुनावी जीत को सुनिश्चित करना है. इसके बाद उनके समर्थकों ने 'जुड़ेंगे तो जीतेंगे' के पोस्टर प्रदेश में लगा दिए.

आने वाला है रोचक मोड़

सीएम योगी और अखिलेश यादव का पोस्टर गेम केवल एक साधारण राजनीतिक खेल नहीं है. बल्कि यह एक गहरी रणनीति का हिस्सा है, जिसमें प्रत्येक नेता अपने-अपने मुद्दों और विचारों को प्रस्तुत करने की कोशिश कर रहा है. सबसे बड़ी बात की प्रदेश में 10 सीटों पर उप चुनाव हो रहे हैं. ऐसे में स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में अगले कुछ महीनों में और भी रोचक मोड़ आने वाले हैं.

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