Video: पेशाब-मल से सने कपड़े, हाथ-पैर बंधे कमरे में बंद बुजुर्ग... नोएडा के वृद्धाश्रम में अमानवीयता का पर्दाफाश

नोएडा के सेक्टर-55 स्थित एक वृद्धाश्रम में छापेमारी के दौरान बुजुर्गों के साथ अमानवीय व्यवहार सामने आया. रेड में कई बुजुर्ग गंदे कपड़ों में, पेशाब-मल से सने हालत में और कुछ को कपड़े से बांधकर बंद कमरों में रखा गया पाया गया. इस दर्दनाक खुलासे ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है.

Shivani Mishra
Edited By: Shivani Mishra

Noida Old Age Home: नोएडा सेक्टर-55 स्थित एक वृद्धाश्रम में बुजुर्गों के साथ हुई अमानवीयता ने पूरे प्रशासन को हिला दिया है. एक बुजुर्ग महिला को कपड़ों से बांधकर कमरे में बंद करने का वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और कई विभागों की संयुक्त छापेमारी में चौंकाने वाले हालात सामने आए.

रेड के दौरान अधिकारियों ने पाया कि वृद्धाश्रम में रहने वाले कई बुजुर्ग पेशाब और मल से सने कपड़ों में पड़े थे. कुछ पुरुषों को अंधेरे और तहखाने जैसे कमरों में बंद किया गया था, जबकि देखभाल के नाम पर केवल 12वीं पास एक महिला को नर्स बताकर रखा गया था. बुजुर्गों को अपनी देखभाल खुद करनी पड़ रही थी.

वृद्ध महिला को कपड़े से बांधकर कमरे में बंद किया गया

राज्य महिला आयोग, नोएडा पुलिस, सामाजिक कल्याण विभाग और जिला प्रोबेशन कार्यालय की संयुक्त टीम ने सेक्टर 55 स्थित आनंद निकेतन वृद्ध सेवा आश्रम में छापा मारा. इस दौरान एक वृद्धा को कपड़े से बांधकर कमरे में बंद पाया गया. वहीं पुरुष बुजुर्गों को तहखाने जैसे अंधेरे कमरों में कैद कर रखा गया था.

वायरल वीडियो के बाद हुआ रेड का आदेश 

यह कार्रवाई उस वीडियो के वायरल होने के बाद की गई जिसमें एक बुजुर्ग महिला को कमरे में बंद और बंधी हुई हालत में दिखाया गया था. यह वीडियो लखनऊ स्थित सामाजिक कल्याण विभाग तक पहुंचा, जिसके बाद तत्काल छापेमारी का आदेश जारी किया गया.

केवल 12वीं पास महिला को बताया गया था नर्स

रेड के दौरान मौके पर एक महिला मौजूद मिली, जिसने खुद को नर्स बताया. लेकिन जांच में सामने आया कि वह केवल 12वीं पास थी और किसी भी प्रकार की मेडिकल ट्रेनिंग नहीं रखती थी.

पेशाब और मल से सने कपड़ों में मिले बुजुर्ग

अधिकारियों ने देखा कि कई बुजुर्ग ऐसे कपड़े पहने हुए थे जो पेशाब और मल से सने हुए थे. वृद्धाश्रम में न तो साफ-सफाई का ध्यान रखा गया था और न ही किसी प्रकार की उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध थी. बुजुर्गों को खाना और दवाइयां खुद ही संभालनी पड़ रही थीं.

2.5 लाख रुपये की डोनेशन, ऊपर से हर महीने 6,000 की वसूली

वृद्धाश्रम में बुजुर्गों को रखने के नाम पर ₹2.5 लाख का डोनेशन लिया जाता था, इसके अलावा 6,000 रुपये प्रति माह भोजन और आवास के लिए वसूला जाता था. इसके बावजूद, देखभाल के नाम पर उन्हें पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया.

परिवार वालों ने झाड़ा पल्ला

जब छापेमारी टीम ने वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्गों के परिवारों से संपर्क किया, तो कई परिजनों ने मामले को नजरअंदाज करते हुए कहा कि सब कुछ सामान्य है.

सभी बुजुर्गों को किया गया शिफ्ट

नोएडा पुलिस ने जानकारी दी कि राज्य महिला आयोग की शिकायत पर आनंद निकेतन वृद्ध सेवा आश्रम में रेड की गई, जहां गंभीर लापरवाहियों और अमानवीयता की पुष्टि हुई. प्रशासनिक सहयोग से आश्रम को सील करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. सभी बुजुर्गों को अब मान्यता प्राप्त सरकारी वृद्धाश्रमों में शिफ्ट किया जा रहा है.

अब होगी सख्त कार्रवाई

महिला आयोग और स्थानीय प्रशासन ने संयुक्त रूप से अब वृद्धाश्रम की प्रबंधन समिति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की योजना बनाई है. जल्द ही जिम्मेदार लोगों पर एफआईआर और अन्य कानूनी कदम उठाए जाएंगे.

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