छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में दो समुदायों में हिंसक झड़प, घरों में लगाई गई आग, पुलिस फोर्स तैनात

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले स्थित एक गांव में दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प हो गई. इस दौरान आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले स्थित एक गांव में दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प हो गई. इस दौरान आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं. हालात बिगड़ते देख प्रशासन को इलाके में भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

कौन हैं गिरफ्तार आरोपी? 

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपी वही हैं जिनके कथित लूटपाट और मारपीट से जुड़े वीडियो करीब चार महीने पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे. बताया जा रहा है कि इन लोगों का आपराधिक इतिहास रहा है और वे पहले भी कई मामलों में पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं.

जानकारी के मुताबिक, आरोपियों को इससे पहले जिले के फिंगेश्वर थाना क्षेत्र में स्थित एक शिव मंदिर में तोड़फोड़ के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. उस समय पुलिस ने उन्हें जेल भेज दिया था, लेकिन हाल ही में जमानत पर रिहा होने के बाद वे फिर से गांव लौट आए. जमानत से बाहर आने के बाद आरोपियों पर आरोप है कि उन्होंने बकली गांव में शिकायतकर्ता समेत कुछ ग्रामीणों पर दोबारा हमला किया.

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हथियारों से लैस आरोपियों ने एक समुदाय के लोगों को निशाना बनाया, जिससे गांव में भारी आक्रोश फैल गया. हमले की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हो गए और गुस्से में आकर आरोपियों के घरों में आग लगा दी गई. इस दौरान तीन से चार गाड़ियों को भी आग के हवाले कर दिया गया. देखते ही देखते गांव का माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया.

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की कई टीमें मौके पर पहुंचीं और हालात को काबू में करने का प्रयास किया. आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भेजी गईं, जबकि घायलों को इलाज के लिए एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया. हिंसा को रोकने के दौरान कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी सूचना है.

पुलिस सूत्रों का क्या कहना है? 

पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी लंबे समय से इलाके में जबरन वसूली, लूटपाट और मारपीट जैसी वारदातों में शामिल रहे हैं. इन्हीं गतिविधियों के चलते गांव में पहले से ही उनके खिलाफ नाराजगी थी, जो इस ताजा घटना के बाद हिंसक रूप में सामने आ गई.

फिलहाल प्रशासन का दावा है कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर हटखोज और आसपास के गांवों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है. अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और भरोसा दिलाया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

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