दुर्गा पूजा विसर्जन के दौरान दो गुटों में हिंसक झड़प, पथराव और कांच की बोतलों से हमला...DCP समेत कई लोग हुए घायल
Durga Puja violence Cuttack : कटक, ओडिशा में दुर्गा पूजा विसर्जन के दौरान देर रात दो गुटों के बीच झड़प हो गई. तेज आवाज में संगीत बजाने को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसक हो गया, जिसमें पथराव और बोतलबाजी हुई. कई लोग, जिनमें डीसीपी भी शामिल हैं, घायल हुए. पुलिस ने छह गिरफ्तारियां कीं. वीएचपी ने प्रशासनिक विफलता का आरोप लगाते हुए बंद का आह्वान किया. मुख्यमंत्री ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया.

Durga Puja violence Cuttack : ओडिशा के कटक शहर में रविवार को भारी तनाव देखने को मिला, जब दुर्गा पूजा के दौरान प्रतिमा विसर्जन के समय दो गुटों के बीच हिंसा भड़क गई. यह घटना शनिवार देर रात लगभग 1:30 से 2:00 बजे के बीच दरघा बाजार क्षेत्र के हाथी पोखरी के पास हुई, जो राजधानी भुवनेश्वर से कुछ ही दूरी पर स्थित है.
तेज आवाज में संगीत बजाने को लेकर विवाद
पुलिसकर्मी और अन्य लोग घायल
इस हमले में कई लोग घायल हुए, जिनमें कटक के डीसीपी खीलारी ऋषिकेश ज्ञानदेव भी शामिल हैं. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा. करीब तीन घंटे तक विसर्जन की प्रक्रिया ठप रही, क्योंकि दुर्गा पूजा समिति के सदस्यों ने तत्काल आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया.
भारी सुरक्षा के बीच विसर्जन प्रक्रिया पूर्ण
स्थिति पर नियंत्रण पाने के बाद विसर्जन की प्रक्रिया भारी पुलिस सुरक्षा के बीच पुनः शुरू की गई और रविवार सुबह 9:30 बजे तक सभी प्रतिमाओं का विसर्जन कर लिया गया.
अब तक छह गिरफ्तारियां, जांच जारी
पुलिस ने अब तक छह लोगों को गिरफ्तार किया है और अन्य आरोपियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज, ड्रोन की वीडियो रिकॉर्डिंग और चश्मदीद गवाहों के बयानों का सहारा लिया जा रहा है. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, पुलिस लगातार जांच में जुटी हुई है.
वीएचपी का प्रशासन पर आरोप, 12 घंटे का बंद
घटना के बाद विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने प्रशासन पर विफलता का आरोप लगाते हुए कटक में 6 अक्टूबर को 12 घंटे के बंद का आह्वान किया है. वीएचपी प्रवक्ता ने कहा, "प्रशासन ने शांति बनाए रखने में विफलता दिखाई है, जबकि हमने पहले ही शांतिपूर्ण विसर्जन के लिए आग्रह किया था." वीएचपी ने डीसीपी और जिलाधिकारी के तत्काल स्थानांतरण की भी मांग की है, और इसे प्रशासनिक लापरवाही करार दिया है.
घटना पर CM और विपक्ष की टिप्पणी
विपक्षी पार्टी बीजू जनता दल (BJD) ने इस घटना के लिए "असामाजिक तत्वों" को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि कुछ लोग जानबूझकर साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं. वहीं राज्य के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी, जो भारतीय जनता पार्टी (BJP) से हैं, ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घायलों को निशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया.


