शुभांशु शुक्ला अंतरिक्ष से किए वीडियो कॉल, बताया कैसा रहा पहला कदम का अनुभव हुआ?

Shubhanshu Shukla: 25 जून को सफल प्रक्षेपण के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया में शुभांशु शुक्ला ने उस ऐतिहासिक पल को याद करते हुए कहा कि यह उनके जीवन का सबसे खास और अद्वितीय अनुभव रहा.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

Shubhanshu Shukla: भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की ओर अपनी ऐतिहासिक यात्रा के दौरान अंतरिक्ष से पहला वीडियो कॉल किया। एक्सिओम-4 मिशन के तहत 25 जून को नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर से स्पेसएक्स के फाल्कन 9 रॉकेट के जरिए उड़ान भरने वाले शुभांशु ने अपने पहले संदेश में कहा "नमस्कार मेरे प्यारे देशवासियों,  41 साल बाद हम फिर अंतरिक्ष में पहुंचे हैं। मेरे कंधे पर तिरंगा है. जो मुझे आप सभी से जोड़े रखता है।" इस संदेश ने पूरे भारत में गर्व की लहर दौड़ा दी है.

अंतरिक्ष का पहला अनुभव 


शुभांशु ने अपने वीडियो संदेश में अंतरिक्ष यात्रा के अनुभव को इन डिस्क्राइब, अवास्तविक और बेहद रोमांचक" बताया। उन्होंने कहा "अंतरिक्ष में रहना और खाना-पीना, एक बच्चे की तरह महसूस हो रहा है. ड्रैगन अंतरिक्ष यान में सवार शुभांशु ने बताया कि वे और उनकी टीम 7.5 किमी प्रति सेकंड की गति से पृथ्वी की परिक्रमा कर रहे हैं। गुरुवार शाम 4:30 बजे भारतीय समयानुसार उनकी टीम ISS पहुंचने वाली है, जहां वे 14 दिन तक रहकर 60 वैज्ञानिक प्रयोग करेंगे, जिनमें सात भारतीय शोधकर्ताओं द्वारा प्रस्तावित हैं।

मां आशा शुक्ला की आंखों में आंसू


आंखों में आंसू, होठों पर प्रार्थनाएं, मां बड़ी स्क्रीन पर बिना पलक झपकाए देख रही थीं. जब एक्सिओम-4 अंतरिक्ष यान उनके बेटे ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के साथ अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की ओर बढ़ रहा था. उनके बगल में बैठे भारतीय वायु सेना के पायलट के पिता शंभू दयाल शुक्ला उत्साह से मुस्कुरा रहे थे. कुछ ही मिनटों बाद, जब स्पेसएक्स क्रू ड्रैगन अंतरिक्षयान फाल्कन 9 रॉकेट पर सवार होकर फ्लोरिडा स्थित नासा के कैनेडी अंतरिक्ष केंद्र के लॉन्च कॉम्प्लेक्स 39ए से उड़ान भर रहा था. इसके बाद आशा ने मुस्कुराते हुए मीडिया से कहा कि वह अपने बेटे के लिए शुभकामनाएं दे रही हैं. जो अंतरिक्ष में जाने वाला दूसरा भारतीय है.

गगनयान मिशन के लिए महत्वपूर्ण कदम


शुभांशु का यह मिशन भारत के महत्वाकांक्षी गगनयान मिशन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसरो के गगनयान मिशन के लिए चुने गए चार अंतरिक्ष यात्रियों में से एक, शुभांशु अंतरिक्ष में जीरो ग्रैविटी में मानव शरीर पर प्रभाव, विशेष रूप से मांसपेशियों और कोशिकाओं पर अध्ययन करेंगे, जो गगनयान यात्रियों की सेहत के लिए महत्वपूर्ण होगा।

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