फोन को Factory Reset कब करना चाहिए? काम की चीज समझिए

फोन स्लो होने पर बार-बार फैक्टरी रीसेट करना सही नहीं है, क्योंकि इससे डेटा डिलीट होने के साथ दोबारा सेटअप का झंझट बढ़ जाता है. फैक्टरी रीसेट सिर्फ खास स्थितियों में करना चाहिए, जैसे फोन बेचते समय, ज्यादा हैंग होने पर, सॉफ्टवेयर अपडेट की समस्या या वायरस/मैलवेयर के मामले में.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

स्मार्टफोन के इस्तेमाल के दौरान छोटी-मोटी तकनीकी दिक्कतें आना आम बात है. जैसे-जैसे फोन पुराना होता जाता है, उसकी परफॉर्मेंस धीरे-धीरे कम होने लगती है. इसका एक बड़ा कारण यह है कि हम अपने फोन में जरूरत से ज्यादा फाइलें, फोटो, वीडियो, ऐप्स और कैश डेटा जमा कर लेते हैं. समय के साथ यह सारा डेटा फोन की मेमोरी और प्रोसेसर पर अतिरिक्त दबाव डालता है, जिससे डिवाइस की स्पीड घट जाती है और वह बार-बार हैंग करने लगता है.

छोटी परेशानी पर फोन को रीसेट करना सही विकल्प नहीं 

अक्सर लोग इस समस्या का सबसे आसान समाधान फैक्टरी रीसेट को मान लेते हैं. उन्हें लगता है कि फैक्टरी रीसेट करने से फोन फिर से नया जैसा हो जाएगा और उसकी रफ्तार पहले जैसी तेज हो जाएगी. हालांकि यह सोच पूरी तरह सही नहीं है. फैक्टरी रीसेट से फोन जरूर खाली हो जाता है, लेकिन इसके साथ ही सारा डेटा डिलीट हो जाता है. इसके बाद जरूरी फाइलों का बैकअप लेना, दोबारा ट्रांसफर करना और सभी ऐप्स को फिर से इंस्टॉल करना एक झंझट भरा काम बन जाता है. इसलिए हर छोटी परेशानी पर फोन को रीसेट करना सही विकल्प नहीं माना जाता.

फैक्टरी रीसेट को अंतिम उपाय के तौर पर ही अपनाना चाहिए. इससे पहले स्टोरेज क्लीन करना, अनयूज्ड ऐप्स हटाना, कैश साफ करना और सॉफ्टवेयर अपडेट जैसी चीजें आजमाई जा सकती हैं. अगर इन तरीकों से भी समस्या दूर न हो, तभी फैक्टरी रीसेट के बारे में सोचना बेहतर होता है.

कुछ खास परिस्थितियां ऐसी होती हैं, जब फोन को फैक्टरी रीसेट करना सही और जरूरी माना जाता है. उदाहरण के तौर पर, यदि आप अपना पुराना फोन बेचने जा रहे हैं या नया फोन खरीदते समय एक्सचेंज करने वाले हैं, तो फैक्टरी रीसेट जरूर करें. इससे आपकी निजी जानकारी, फोटो, बैंकिंग डिटेल्स और सोशल मीडिया अकाउंट सुरक्षित रहते हैं.

नया सॉफ्टवेयर अपडेट इंस्टॉल करने पर दिक्कतें

इसके अलावा, अगर फोन जरूरत से ज्यादा स्लो हो गया है और बार-बार फ्रीज या हैंग होने लगा है, तो फैक्टरी रीसेट मददगार साबित हो सकता है. वहीं, कई बार नया सॉफ्टवेयर अपडेट इंस्टॉल करने के बाद फोन में नई दिक्कतें आने लगती हैं. ऐसी स्थिति में भी फैक्टरी रीसेट करने से सिस्टम दोबारा सही तरीके से काम करने लगता है.

एक और अहम वजह फोन में वायरस या मैलवेयर का घुस जाना हो सकता है. कई बार थर्ड-पार्टी वेबसाइट से फाइल या ऐप डाउनलोड करने के कारण फोन संक्रमित हो जाता है. अगर एंटीवायरस या सामान्य तरीकों से समस्या हल नहीं हो रही हो तो फैक्टरी रीसेट आखिरी और असरदार समाधान साबित हो सकता है.

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