Rajasthan : देश का एक ऐसा मंदिर जहां चूहों का झूठन प्रसाद का है महत्व, जानिए इसके पीछे का कारण

Karni Mata Mandir : बीकानेर के देशनोक स्थित करणी माता मंदिर में हजारों चूहे हैं जिन्हें काबा कहा जाता है. लोग इनके द्वारा झूठे किए गए प्रसाद को खाते हैं.

Nisha Srivastava

Karni Mata Mandir : भारत में हजारों-लाखों देवी-देवताओं का मंदिर है. हर मंदिर की अपनी एक मान्यता और पौराणिक कथाएं होती हैं. देश में कई ऐसे रहस्यमय मंदिर स्थित हैं जिनकी कहानी सुनकर आप हैरान हो जाएंगे. ऐसा ही एक मंदिर राजस्थान में स्थित हैं जहां प्रत्येक वर्ष बड़ी संख्या में लोग दर्शन के लिए आते हैं. बीकानेर के देशनोक स्थित करणी माता मंदिर है, यह मंदिर बीकानेर से 30 किलोमीटर की दूरी पर है. जिसमें चूहे रहते हैं. लोग इनके द्वारा झूठे किए गए प्रसाद को खाते हैं.

क्या है मंदिर का रहस्य

करणी माता मंदिर में हजारों चूहे हैं जिन्हें काबा कहा जाता है. इस मंदिर को चूहों वाली माता, चूहों वाला मंदिर और मूषक मंदिर के नाम से जाना जाता है. ऐसी मान्यताएं है कि मां दुर्गा का साक्षात अवतार करणी माता हैं. इस मंदिर में आने वाले सभी भक्तों की मनोकामना पूरी होती है. ऐसा माना जाता है कि अगर कोई देपावत चारण मरता है को वो करणी माता के मंदिर में चूहा बनकर जन्म लेता है. आपको बता दें कि देपावत करणी माता के परिवार के सदस्य हैं.

मंदिर में मिलता है चूहों का झूठा प्रसाद

करणी माता मंदिर में लगभग 25 हजार चूहें है. जो माना की संतान माने जाते हैं. मंदिर में चूहों का झूठा किया हुआ ही प्रसाद मिलता है. हैरानी की बात यह है कि अगर किसी चीज को चूहे छू भी लेतें हैं तो उसको खाकर पर बीमार पड़ जाते हैं. लेकिन ये प्रसाद खाकर ऐसा कुछ नहीं होता है. आपको बता दें कि इस मंदिर में लोग पैर उठाकर नहीं बल्कि पैर को घसीटकर चलते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि पैर उठाकर चलने से चूहें पैर के नीचे ना आ जाएं, ऐसा होना अशुभ होता है.

क्या है चूहों की कहानी

ऐसी मान्यता है कि एक बार करणी माता की संतान उनके पति व उनकी बहन बेटा लक्ष्मण कपिल सरोवर में डूबकर मर गया था. जिसके बाद माता ने यमराज से लक्ष्मण को जीवित करने की बहुत प्रार्थना की, जिसके बाद यम ने लक्ष्मण को चूहे के रूप में पुनर्जीवित किया. तभी से इस मंदिर में चूहों को भी पूजा जाता है.

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