भारत अमेरिका ट्रेड डील पर 13 जनवरी को लग सकती है मुहर! 500 प्रतिशत टैरिफ धमकी के बीच अमेरिकी राजदूत का बड़ा संकेत
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने संकेत दिया कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील 13 जनवरी को फाइनल हो सकती है. टैरिफ विवाद के बावजूद बातचीत जारी है और उनके बयान से शेयर बाजार में भी तेजी देखने को मिली.

नई दिल्लीः भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चर्चा में रही ट्रेड डील पर 13 जनवरी को अंतिम सहमति बन सकती है. यह संकेत भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने सोमवार को नई दिल्ली में दिए. उन्होंने भरोसा जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच रिश्ते सच्ची दोस्ती पर आधारित हैं. गोर के मुताबिक, सच्चे दोस्तों के बीच मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मनभेद नहीं होते और जो भी उलझनें हैं, उन्हें बातचीत के जरिए सुलझा लिया जाएगा.
अमेरिकी राजदूत का बड़ा बयान
भारत में पदभार संभालने के बाद अपने पहले बयान में सर्जियो गोर ने कहा कि भारत-अमेरिका संबंध मजबूत आधार पर खड़े हैं. उन्होंने साफ किया कि दोनों देशों के बीच व्यापार को लेकर बातचीत लगातार जारी है. गोर ने कहा कि कभी-कभी टैरिफ और बाजार तक पहुंच जैसे मुद्दों पर असहमति हो सकती है, लेकिन इससे रिश्तों की मजबूती पर कोई असर नहीं पड़ता. उन्होंने उम्मीद जताई कि 13 जनवरी को बातचीत का अगला दौर होगा, जिसमें डील को अंतिम रूप दिया जा सकता है.
500 फीसदी टैरिफ प्रस्ताव के बाद बढ़ा तनाव
गौरतलब है कि हाल ही में अमेरिकी संसद में भारत पर 500 फीसदी तक टैरिफ लगाने से जुड़ा एक प्रस्ताव पास हुआ था. इसके बाद अमेरिका की ओर से व्यापार को लेकर तीखी टिप्पणियां सामने आई थीं. इन बयानों का जवाब भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी दिया था. इस पृष्ठभूमि में गोर का यह बयान काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे यह संकेत मिलता है कि दोनों देश टकराव के बजाय समाधान की राह पर आगे बढ़ना चाहते हैं.
पैक्ससिलिका पहल में भारत की एंट्री
अपने संबोधन में अमेरिकी राजदूत ने ‘पैक्ससिलिका’ नामक एक नई रणनीतिक पहल का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि अमेरिका की अगुवाई में शुरू की गई इस पहल में भारत को अगले महीने पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल होने का निमंत्रण दिया जाएगा. पैक्ससिलिका का उद्देश्य सिलिकॉन से जुड़ी पूरी सप्लाई चेन को सुरक्षित और मजबूत बनाना है, जिसमें महत्वपूर्ण खनिज, ऊर्जा स्रोत, उन्नत विनिर्माण, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और लॉजिस्टिक्स शामिल हैं.
गोर के अनुसार, इस पहल में पहले से जापान, दक्षिण कोरिया, यूनाइटेड किंगडम और इजराइल जैसे देश शामिल हैं. भारत के जुड़ने से यह समूह और मजबूत होगा. उन्होंने बताया कि पैक्ससिलिका के तहत कच्चे माल से लेकर अत्याधुनिक तकनीक तक सहयोग बढ़ाया जाएगा. इसकी औपचारिक घोषणा वाशिंगटन डीसी में आयोजित शिखर सम्मेलन में की जा चुकी है.
राजदूत के बयान से शेयर बाजार में उछाल
अमेरिकी राजदूत के सकारात्मक बयान का असर शेयर बाजार पर भी देखने को मिला. पिछले छह दिनों से बाजार में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही थी और सोमवार को भी सेंसेक्स करीब 700 अंक तक टूट गया था. लेकिन ट्रेड डील को लेकर सकारात्मक संकेत मिलते ही बाजार ने तेजी से रिकवरी की. कुछ ही समय में सेंसेक्स 700 अंक संभल गया और खबर लिखे जाने तक करीब 63 अंकों की बढ़त के साथ 83,638.45 पर कारोबार करता दिखा.
डील से बढ़ेंगी उम्मीदें
सर्जियो गोर के बयान ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर नई उम्मीद जगा दी है. यदि 13 जनवरी को सहमति बनती है, तो इसका असर न सिर्फ दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों पर पड़ेगा, बल्कि वैश्विक बाजारों में भी इसका सकारात्मक संदेश जाएगा.


