बिहार कब्रिस्तान रहस्य: छह खोपड़ियां चोरी, ग्रामीणों में दहशत, पुलिस ने जांच की शुरू 

बिहार के भागलपुर जिले में एक कब्रिस्तान से खोपड़ी चोरी की घटनाओं ने स्थानीय लोगों को चिंतित कर दिया है, तथा काले जादू की आशंका पैदा हो गई है. बताया जाता है कि जिन कब्रों को निशाना बनाया गया है, वे करीब छह महीने पुरानी हैं. इसमें शामिल लोगों की योजना पर संदेह पैदा होता है. बताया जा रहा है कि खोपड़ियां चोरी करने वाले लोग काला जादू करने वाले हो सकता हैं। खैर फिलहाल पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जो भी आरोपी होगा उसके खिलाफ सख्त से सख्त से एक्शन लिया जाएगा.

Lalit Sharma
Edited By: Lalit Sharma

क्राइम न्यूज. बिहार के भागलपुर में कब्रिस्तान से खोपड़ी चोरी की घटनाओं ने स्थानीय लोगों में दहशत फैला दी है। सबसे ताजा घटना रविवार को हुई जब करीब साढ़े पांच महीने पहले दफनाई गई एक बुजुर्ग महिला की खोपड़ी चोरी हो गई. महिला की पहचान मोहम्मद बदरूजमा की मां के रूप में हुई. घटना भागलपुर के सन्हौला थाना क्षेत्र में हुई। 

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई अकेला मामला नहीं है, पिछले पांच सालों में ऐसी पांच घटनाएं हो चुकी हैं. बताया जाता है कि जिन कब्रों को निशाना बनाया गया है, वे करीब छह महीने पुरानी हैं. इससे इसमें शामिल लोगों की योजना पर संदेह पैदा होता है. फाजिलपुर सकरमा ग्राम पंचायत के असरफ नगर गांव में स्थित यह कब्रिस्तान आसपास के कई गांवों की सेवा करता है और इसे एक पुराना और महत्वपूर्ण कब्रिस्तान माना जाता है.

कई गांवों की सेवा करता है

कई गांवों की सेवा करता है और इसे एक पुराना और महत्वपूर्ण कब्रिस्तान माना जाता है. इलाके के निवासी मोहम्मद एजाज ने कहा कि हम इन घटनाओं से बहुत डरे हुए और चिंतित हैं. हमें नहीं पता कि इन चोरियों के पीछे कौन है या उनका मकसद क्या है. हम मांग करते हैं कि अधिकारी अपराधियों को पकड़ने के लिए तत्काल कार्रवाई करें और इन भीषण चोरियों को रोकें.

 चोरी की गई खोपड़ियां काले जादू या...

ग्रामीणों में इस बात की आशंका बढ़ गई है कि चोरी की गई खोपड़ियां काले जादू या अन्य नापाक गतिविधियों से जुड़ी हो सकती हैं. हालांकि, पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला है. कहलगांव के एसडीपीओ शिवानंद सिंह ने कहा कि हम इन घटनाओं को बहुत गंभीरता से ले रहे हैं और रहस्य को सुलझाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं. हम स्थानीय लोगों से आग्रह करते हैं कि वे आगे आएं और इन घटनाओं के बारे में कोई भी जानकारी दें.

कब्रिस्तान को मूल रूप से 1980 में बनाई गई चारदीवारी से सुरक्षित किया गया था. लेकिन समय के साथ यह ढह गई. स्थानीय लोगों ने इसकी जगह लोहे की बाड़ लगा दी थी. लेकिन चरवाहों ने इसे भी क्षतिग्रस्त कर दिया, जिससे यह स्थल असुरक्षित हो गया.
 

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो

close alt tag