मुस्लिम होकर ब्राह्मण स्कूल में पढ़ा... धर्म के सवालों का रामायण के संगीत कंपोजर एआर रहमान ने दिया जवाब

फिल्म रामायण के लिए संगीत तैयार कर रहे ए.आर. रहमान ने धर्म से जुड़े सवालों पर कहा कि रामायण आदर्शों और मूल्यों की कहानी है. ज्ञान और कला की कोई धार्मिक सीमा नहीं होती.

Shraddha Mishra

साल 2026 में रिलीज होने जा रही फिल्म रामायण को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह है. नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही इस भव्य फिल्म को भारतीय सिनेमा की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में गिना जा रहा है. जहां इसकी स्टारकास्ट और बजट पहले ही सुर्खियों में हैं, वहीं इसके संगीत को लेकर भी लोगों की खास दिलचस्पी बनी हुई है. इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि फिल्म के लिए दो दिग्गज संगीतकार, हॉलीवुड के मशहूर कंपोजर हैंस जिमर और भारत के ऑस्कर विजेता ए.आर. रहमान, पहली बार एक साथ काम कर रहे हैं.

जब यह खबर सामने आई कि ए.आर. रहमान रामायण के लिए संगीत तैयार कर रहे हैं, तो कुछ लोगों ने उनके धर्म को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए. उनसे पूछा गया कि क्या रामायण जैसे हिंदू महाकाव्य पर काम करते समय उनकी धार्मिक पहचान कभी बाधा बनी. इस सवाल पर रहमान का जवाब बेहद सधा हुआ और सोचने पर मजबूर करने वाला था.

ब्राह्मण स्कूल में पढ़ाई और रामायण से परिचय

ए.आर. रहमान ने साफ शब्दों में कहा कि उन्होंने ब्राह्मण स्कूल में पढ़ाई की है और उनके बचपन से ही रामायण और महाभारत से जुड़ाव रहा है. उन्होंने बताया कि उनके स्कूल में हर साल इन महाकाव्यों का मंचन होता था, इसलिए उन्हें रामायण की कहानी अच्छी तरह पता है. रहमान के मुताबिक, रामायण सिर्फ एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि आदर्शों, मूल्यों और एक श्रेष्ठ इंसान के गुणों की कहानी है. उन्होंने कहा कि किसी भी कहानी में अगर सीखने लायक बातें हों, तो उन्हें अपनाना चाहिए, चाहे वह किसी भी धर्म या संस्कृति से जुड़ी क्यों न हो.

ज्ञान को लेकर रहमान की सोच

रहमान ने अपने धर्म का उदाहरण देते हुए कहा कि इस्लाम में भी यही सिखाया जाता है कि ज्ञान कहीं से भी मिले, वह अनमोल होता है. उन्होंने पैगंबर मोहम्मद का हवाला देते हुए कहा कि ज्ञान राजा से मिले या भिखारी से, अच्छे अनुभव से मिले या कठिन परिस्थितियों से, उसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. उनके मुताबिक, इंसान को संकीर्ण सोच से ऊपर उठकर अच्छी बातों को अपनाना चाहिए.

विविधता में एकता का उदाहरण

ए.आर. रहमान ने इस प्रोजेक्ट को भारत की ओर से दुनिया को दिया गया एक खास तोहफा बताया. उन्होंने गर्व के साथ कहा कि इस फिल्म में अलग-अलग संस्कृतियों और धर्मों के लोग साथ आकर काम कर रहे हैं. जहां हैंस जिमर यहूदी हैं, वे खुद मुस्लिम हैं और रामायण एक हिंदू महाकाव्य है. उनके अनुसार, यही भारत की असली ताकत है.

स्टारकास्ट, बजट और रिलीज डेट

फिल्म रामायण की स्टारकास्ट भी काफी मजबूत है. इसमें रणबीर कपूर, यश, साई पल्लवी, सनी देओल, काजल अग्रवाल, अरुण गोविल, रवि दुबे और लारा दत्ता जैसे बड़े नाम शामिल हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म का बजट करीब 4000 करोड़ रुपये बताया जा रहा है, जो इसे भारतीय सिनेमा की सबसे महंगी फिल्मों में शामिल करता है. यह फिल्म 2026 की दिवाली पर सिनेमाघरों में रिलीज होगी.

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