बर्थ एनिवर्सरी: सुशांत सिंह राजपूत के वो किरदार, जो आज भी दिलों में ज़िंदा हैं
बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत आज भले ही हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी फिल्मों और किरदारों ने उन्हें सिनेमा प्रेमियों के दिलों में हमेशा के लिए जिंदा कर दिया है. अपनी मेहनत, प्रतिभा और अलग सोच के दम पर उन्होंने कम समय में ही हिंदी सिनेमा में एक खास पहचान बनाई.

मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत आज भले ही हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी फिल्मों और किरदारों ने उन्हें सिनेमा प्रेमियों के दिलों में हमेशा के लिए जिंदा कर दिया है. अपनी मेहनत, प्रतिभा और अलग सोच के दम पर उन्होंने कम समय में ही हिंदी सिनेमा में एक खास पहचान बनाई.
सुशांत सिंह राजपूत की जयंती के मौके पर, उनके कुछ ऐसे ही बेहतरीन और यादगार अभिनय पर एक नजर डालते हैं, जिन्होंने दर्शकों को भावनात्मक रूप से झकझोर दिया और यह साबित किया कि वह सिर्फ अभिनेता नहीं, बल्कि एक संवेदनशील कलाकार थे.
सोनचिरिया (2019) में लखन का किरदार
फिल्म सोनचिरिया में सुशांत सिंह राजपूत ने लखन नाम के एक डाकू की भूमिका निभाई, जो आत्मसमर्पण करना चाहता है. जहां फिल्म के अन्य डाकू कठोर और निर्दयी नजर आते हैं, वहीं लखन का किरदार बेहद मानवीय और सौम्य है. एक लड़की की मदद के लिए जान जोखिम में डालना इस किरदार को खास बना देता है और यही फिल्म की आत्मा भी है.
छिछोरे (2019) में अनिरुद्ध पाठक
छिछोरे में सुशांत ने अनिरुद्ध पाठक का किरदार निभाया, जो पहले एक इंजीनियरिंग छात्र और बाद में एक पिता के रूप में नजर आते हैं. जब उनका बेटा आत्महत्या करने की कोशिश करता है, तो वह उसे अपनी संघर्षभरी कहानी सुनाते हैं. वह बताते हैं कि भले ही लोग उन्हें हारा हुआ कहते थे, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी.
केदारनाथ (2018) में मंसूर खान
इस फिल्म में सुशांत सिंह राजपूत मंसूर खान के रूप में दिखे, जो एक पर्वतीय मार्गदर्शक है और तीर्थयात्रियों को केदारनाथ मंदिर तक ले जाता है. एक उच्च जाति की लड़की से प्यार और 2013 की विनाशकारी बाढ़ के दौरान उसकी जान बचाने की कोशिश में अपनी जान कुर्बान करना—इस किरदार को बेहद भावुक और यादगार बना देता है.
राबता (2017) में शिव कक्कड़ और जिलान
राबता में सुशांत ने दो अलग-अलग युगों के किरदार निभाए—शिव कक्कड़ और जिलान. शिव एक हंसमुख आधुनिक युवक है, जबकि जिलान अतीत का एक योद्धा. दोनों ही भूमिकाओं में उन्होंने प्रेम, समर्पण और प्रतिबद्धता को बेहद प्रभावशाली ढंग से पर्दे पर उतारा.
एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी (2016)
इस बायोपिक ने सुशांत सिंह राजपूत को अपार लोकप्रियता दिलाई. उन्होंने एमएस धोनी के बचपन से लेकर भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान बनने तक के सफर को जीवंत कर दिया. धोनी की चाल, संवाद अदायगी और शांत स्वभाव को उन्होंने इतनी बारीकी से निभाया कि दर्शकों को लगा मानो पर्दे पर खुद धोनी ही मौजूद हों.
डिटेक्टिव ब्योमकेश बख्शी! (2015)
इस फिल्म में सुशांत के अभिनय की खूब सराहना हुई. 1940 के दशक के बुद्धिमान और संवेदनशील बंगाली जासूस के किरदार के लिए उन्होंने अपनी बॉडी लैंग्वेज, अभिनय शैली और पहनावे में खास बदलाव किया. भले ही फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल न रही हो, लेकिन यह उनके सर्वश्रेष्ठ अभिनय प्रदर्शनों में गिनी जाती है.
काई पो चे (2013) में ईशान भट्ट
काई पो चे सुशांत के शुरुआती करियर की अहम फिल्मों में से एक थी. ईशान भट्ट के रूप में वह एक जोशीले और दृढ़ निश्चयी क्रिकेटर नजर आए, जो दोस्तों के साथ क्रिकेट अकादमी शुरू करता है. लक्ष्य को पाने के संघर्ष और जुनून को उन्होंने बेहद प्रभावशाली ढंग से दर्शाया.


