UP SIR: वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के नियम बदले, फॉर्म-6 के साथ अब घोषणा पत्र अनिवार्य

उत्तर प्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) कैंपेन के तहत वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने की प्रक्रिया में एक बड़ा बदलाव किया गया है. अब नए वोटर्स को न सिर्फ़ फॉर्म 6 भरना होगा, बल्कि इसके साथ एक डिक्लेरेशन फॉर्म भी जमा करना होगा.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है. अब नए मतदाता को केवल फॉर्म-6 भरना ही नहीं, बल्कि उसके साथ घोषणा पत्र (डिक्लेरेशन फॉर्म) देना भी अनिवार्य होगा.

निर्वाचन विभाग के अनुसार, इस नए नियम का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है. इसके तहत आवेदक को वर्ष 2003 की मतदाता सूची से स्वयं या फिर माता-पिता अथवा दादा-दादी में से किसी एक का विवरण देना होगा.

2003 की वोटर लिस्ट का देना होगा हवाला

घोषणा पत्र में आवेदक को 2003 की मतदाता सूची से संबंधित जानकारी देनी होगी, जिसमें विधानसभा क्षेत्र, भाग संख्या और क्रम संख्या शामिल हैं. यदि दी गई जानकारी सही नहीं पाई गई या निर्वाचन डाटाबेस से मेल नहीं खाती, तो संबंधित आवेदक को नोटिस जारी किया जाएगा.

जन्म तिथि और जन्म स्थान के लिए मांगे जाएंगे प्रमाण

निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जन्म तिथि और जन्म स्थान के प्रमाण के लिए कुल 13 निर्धारित दस्तावेजों में से किसी एक को प्रस्तुत करना होगा. इसमें जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, हाईस्कूल प्रमाण पत्र और पासपोर्ट जैसे दस्तावेज शामिल हैं.

फॉर्म-6 में ये जानकारियां होंगी अनिवार्य

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि फॉर्म-6 में आवेदक को अपना नाम, सही और स्पष्ट पता, शुद्ध वर्तनी, नवीनतम स्पष्ट फोटो और मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से भरना होगा. किसी भी तरह की त्रुटि होने पर आवेदन निरस्त किया जा सकता है.

दस्तावेज न होने पर क्या होगी प्रक्रिया

यदि 18 से 21 वर्ष आयु के आवेदक के पास कोई वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं है, तो उसे माता-पिता के हस्ताक्षरयुक्त शपथ पत्र के साथ संबंधित अधिकारी के समक्ष उपस्थित होना होगा. वहीं, 21 वर्ष या उससे अधिक आयु के आवेदक केवल अपना घोषणा पत्र जमा कर सकेंगे.

निवास प्रमाण के लिए मान्य दस्तावेज

निवास प्रमाण के तौर पर पानी, बिजली या गैस का बिल, आधार कार्ड, बैंक या डाकघर की पासबुक, पासपोर्ट, भूमि स्वामित्व अभिलेख, किरायानामा या विक्रय विलेख मान्य होंगे. दस्तावेज उपलब्ध न होने की स्थिति में स्थलीय सत्यापन कराया जाएगा.

ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम उपलब्ध

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि पात्र नागरिक भारत निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट voter.eci.gov.in पर ऑनलाइन फॉर्म-6 और घोषणा पत्र भर सकते हैं. इसके अलावा ऑफलाइन आवेदन संबंधित बीएलओ या निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के समक्ष भी जमा किया जा सकता है.

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