जल जीवन मिशन 2028 तक बढ़ा, मदुरै एयरपोर्ट बना ग्लोबल; PM मोदी मंत्रिमंडल ने लिए दो बड़े फैसले
पीएम मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज दो बड़े फैसले लिए हैं, जिसमें पहला फैसला मदुरै हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय दर्जा देने का रहा. वहीं दूसरा फैसला जल जीवन मिशन को लेकर है.

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज 10 मार्च 2026 को दो बड़े फैसले लिए हैं. इनमें तमिलनाडु के मदुरै हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय दर्जा देने और जल जीवन मिशन (JJM) को दिसंबर 2028 तक बढ़ाने की मंजूरी शामिल है. केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया को यह जानकारी दी.
ये फैसले क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, पर्यटन, तीर्थयात्रा और ग्रामीण इलाकों में पानी की सुविधा को मजबूत करने के लिए हैं. बता दें कि कैबिनेट ने कुल 8.8 लाख करोड़ रुपये के कई प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी दी, जिसमें ये दोनों मुख्य हैं.
मदुरै एयरपोर्ट अब अंतरराष्ट्रीय बनेगा
मदुरै हवाई अड्डा तमिलनाडु का सबसे पुराना एयरपोर्ट्स में से एक है. यह मंदिर नगरी मदुरै का मुख्य प्रवेश द्वार है और दक्षिणी तमिलनाडु के लिए महत्वपूर्ण है. अंतरराष्ट्रीय दर्जा मिलने से विदेशी उड़ानें शुरू होंगी. मदुरै मीनाक्षी मंदिर जैसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों के लिए जाना जाता है. इससे विदेशी तीर्थयात्री और पर्यटक आसानी से पहुंच सकेंगे.
सरकार का कहना है कि इससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बेहतर होगी, पर्यटन बढ़ेगा और व्यापार को नई गति मिलेगी. स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे. यह फैसला दक्षिण भारत के विकास में बड़ा कदम है.
जल जीवन मिशन 2.0
जल जीवन मिशन को दिसंबर 2028 तक बढ़ा दिया गया है. इसे जेजेएम 2.0 के रूप में रीस्ट्रक्चर किया जाएगा. कुल बजट बढ़ाकर 8.69 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है. मूल लक्ष्य 2024 तक हर ग्रामीण घर में नल से शुद्ध पानी पहुंचाना था, लेकिन अब बाकी कामों के लिए समय बढ़ाया गया है.
नए चरण में इंफ्रास्ट्रक्चर से ज्यादा सेवा डिलीवरी पर फोकस होगा. पानी की आपूर्ति प्रणाली को टिकाऊ बनाना, रखरखाव सुधारना, डिजिटल मैपिंग और समुदाय की भागीदारी पर जोर दिया जाएगा. अब तक 80% से ज्यादा ग्रामीण परिवारों को कनेक्शन मिल चुके हैं. यह मिशन ग्रामीण भारत में सुरक्षित पेयजल सुनिश्चित करेगा और स्वास्थ्य सुधार में मदद करेगा.


