छोटा, हल्का और बैटरी वाला ड्रोन...मिडिल ईस्ट में जंग के बीच ईरान ले आया शाहेद-101 ड्रोन, इजरायल के खिलाफ करेगा इस्तेमाल
ईरान ने शाहेद-101 ड्रोन का नया इलेक्ट्रिक वैरिएंट पेश किया है. यह साइलेंट और स्टेल्थी ड्रोन जेट बूस्टर से उड़ान भरता है और कम आवाज के कारण रडार व एयर डिफेंस को चकमा देने में माहिर है. पुराने पिस्टन इंजन वाले ड्रोन की तुलना में यह सात गुना हल्का मोटर इस्तेमाल करता है.

नई दिल्ली : ईरान ने शाहेद-101 ड्रोन का एक नया वैरिएंट पेश किया है जो पहले से अलग दिखता और सुनाई देता है. यह छोटा ड्रोन रेगिस्तानी जगह से लॉन्च होता दिख रहा है. यह ड्रोन पीछे से जेट बूस्टर की मदद से तेजी से उड़ान भरता है और आगे इलेक्ट्रिक प्रोपेलर से शांत तरीके से उड़ान भरता है. इसमें फिक्स्ड विंग्स और पीछे एक्स-शेप्ड टेल है. विश्लेषकों का कहना है कि यह पुराने मॉडल से ज्यादा स्टेल्थी है क्योंकि इलेक्ट्रिक मोटर की वजह से बहुत कम आवाज निकलती है जिसे आवाज से पकड़ना मुश्किल होता है.
कैसे काम करता है ड्रोन और क्या है खास
आपको बता दें कि यह शाहेद-101 वैरिएंट इलेक्ट्रिक मोटर से चलता है जबकि पुराने शाहेद ड्रोन में पीछे पेट्रोल इंजन होता था. आगे ट्रैक्टर प्रोपेलर (पुशर की बजाय पुल करने वाला) होने से यह शांत क्रूजिंग करता है. लॉन्च के लिए पीछे जेट पावर्ड बूस्टर लगा होता है जो उड़ान भरने में तेजी देता है. फिर अलग हो जाता है. फोल्डेबल विंग्स की वजह से इसे छोटे स्थान में आसानी से स्टोर किया जा सकता है.
Iran unveiled a new variant of the Shahed-101 drone. It appears to use a front propeller instead of the usual rear pusher gasoline piston engine seen on other Shahed drones. From its sound and external layout, it seems to be powered by an electric motor. The airframe has a fixed… pic.twitter.com/f4m8EcdDLa
— Basha باشا (@BashaReport) March 10, 2026
सोशल मीडिया पर लोग मजाक उड़ा रहे हैं कि ईरान ग्रीन हो गया है क्योंकि इलेक्ट्रिक मोटर का इस्तेमाल पर्यावरण के लिए बेहतर लगता है लेकिन असल में यह युद्ध में ज्यादा खतरनाक है. क्योंकि कम गर्मी पैदा करता है. एयर डिफेंस सिस्टम के लिए पकड़ना कठिन होता है. यह ड्रोन पहली बार 2024 में हिजबुल्लाह द्वारा इजरायल के खिलाफ ऑपरेशन्स में इस्तेमाल हुआ था.
स्पेसिफिकेशन और तकनीकी डिटेल्स
यह ड्रोन छोटा और हल्का है. विंगस्पैन करीब 2.6 मीटर, लंबाई 1.6 मीटर, अधिकतम टेकऑफ वजन 7.5 किलोग्राम है. विस्फोटक 1 से 9 किलोग्राम तक हो सकता है. अधिकतम ऊंचाई 1500 मीटर, अधिकतम स्पीड 72-144 किमी/घंटा, रेंज 10 किलोमीटर से लेकर कुछ सौ किलोमीटर तक बताई जाती है. एंड्योरेंस 15 मिनट से ज्यादा का है. इलेक्ट्रिक मोटर जापानी या जर्मन कंपनियों के मोटर से बनी होती है जो सिविलियन मार्केट में सस्ते में मिल जाते हैं. फ्लाइट कंप्यूटर चाइनीज कंपनी का है.
पुराने ड्रोन की तुलना में सात गुना हल्का मोटर
इलेक्ट्रिक मोटर की वजह से यह साइलेंट ड्रोन कहलाता है. पुराने पिस्टन इंजन वाले ड्रोन की तुलना में यह सात गुना हल्का मोटर इस्तेमाल करता है, आवाज बहुत कम होती है. इससे आवाज डिटेक्शन से बचना आसान हो जाता है. हिजबुल्लाह ने इसे इजरायल के खिलाफ इस्तेमाल किया. अब ईरान युद्ध में इसका रोल बढ़ सकता है. ईरान ने अभी तक रेंज, पेलोड या अन्य डिटेल्स की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है लेकिन वीडियो और विश्लेषण से यह साफ है कि यह कम रेंज वाले टैक्टिकल हमलों के लिए डिजाइन किया गया है.
ईरान की ड्रोन तकनीक में नया कदम
शाहेद सीरीज ईरान की सबसे सफल ड्रोन लाइन है जो रूस-यूक्रेन युद्ध और मिडिल ईस्ट संघर्षों में इस्तेमाल हो रही है. इलेक्ट्रिक वैरिएंट सस्ते, शांत और स्टेल्थी हमलों पर फोकस करता है. पार्ट्स सिविलियन मार्केट से लिए जाते हैं जिससे उत्पादन आसान और सस्ता होता है.


