Indigo के CEO पीटर एल्बर्स ने दिया इस्तीफा, जानिए किसे मिली अंतरिम कमान
इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स ने फ्लाइट कैंसिलेशन के तीन महीने बाद इस्तीफा दे दिया है। उनकी जगह राहुल भाटिया को अंतरिम सीईओ बनाया गया है। एल्बर्स के कार्यकाल में इंडिगो ने 10 अरब डॉलर का राजस्व हासिल किया और बेड़े को 440 विमानों तक बढ़ाया, लेकिन दिसंबर 2025 में बड़ा परिचालन संकट आया, जिससे 3 लाख यात्री प्रभावित हुए .

नई दिल्ली : भारतीय विमानन क्षेत्र में उस समय हलचल मच गई जब इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स ने अचानक अपने पद से हटने का निर्णय लिया. यह इस्तीफा पिछले कुछ महीनों में एयरलाइन द्वारा झेले गए परिचालन संकट और नियामक संस्था डीजीसीए द्वारा लगाए गए भारी जुर्माने के बाद आया है. इंटरग्लोब एविएशन के निदेशक मंडल ने मंगलवार को हुई एक संक्षिप्त बैठक में उनके इस्तीफे को स्वीकार कर लिया. पीटर 10 मार्च 2026 को औपचारिक रूप से अपना पद छोड़ रहे हैं.
इस्तीफे के पीछे का बड़ा परिचालन संकट
आपको बता दें कि पीटर एल्बर्स का पद छोड़ना इंडिगो के लिए एक चुनौतीपूर्ण दौर का संकेत है. लगभग तीन महीने पहले एयरलाइन की परिचालन व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी. जिससे करीब तीन लाख यात्री हवाई अड्डों पर फंस गए थे. इस बड़ी लापरवाही ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यात्रियों के भरोसे को हिला दिया था. माना जा रहा है कि यात्रियों की भारी नाराजगी और प्रशासनिक विफलता का खामियाजा पीटर एल्बर्स को अपने शीर्ष पद से हाथ धोकर ही चुकाना पड़ा है.
15 मिनट के अंदर समाप्त हो गई मीटिंग
दरअसल, कंपनी की पेरेंट संस्था इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड के बोर्ड ने इस संवेदनशील मामले में काफी तेजी दिखाई. मंगलवार को शाम 5:30 बजे शुरू हुई बोर्ड मीटिंग महज 15 मिनट के भीतर यानी 5:45 बजे समाप्त हो गई. इस छोटी सी बैठक में पीटर के इस्तीफे को तत्काल प्रभाव से मंजूरी दे दी गई. पीटर 10 मार्च 2026 के कार्य समय के अंत तक अपनी सभी औपचारिक जिम्मेदारियों से मुक्त होकर एयरलाइन कंपनी को स्थायी रूप से अलविदा कह देंगे.
राहुल भाटिया संभालेंगे अंतरिम कमान
पीटर एल्बर्स के जाने के बाद कंपनी के अनुभवी प्रबंध निदेशक राहुल भाटिया ने मोर्चा संभाल लिया है. वे अंतरिम रूप से इंडिगो के दैनिक संचालन की पूरी जिम्मेदारी अपनी देखरेख में रखेंगे. बोर्ड का अटूट विश्वास है कि भाटिया के लंबे अनुभव से कंपनी को इस कठिन समय से उबरने में मदद मिलेगी. फिलहाल एयरलाइन एक नए कुशल स्थायी सीईओ की तलाश में है जो इस दिग्गज कंपनी को फिर से सही रास्ते पर ला सके और निवेशकों का विश्वास जीत सके.
नियामक ने 22.20 करोड़ का जुर्माना लगाया
विमानन नियामक डीजीसीए ने इंडिगो की परिचालन विफलताओं को बहुत ही गंभीरता से लिया था. नियामक ने एयरलाइन पर 22.20 करोड़ रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगाया था. केवल वित्तीय जुर्माना ही नहीं. बल्कि कंपनी के खिलाफ कई अन्य दंडात्मक कार्रवाइयां भी की गई थीं. इस कड़े रुख और लगातार बढ़ते नियामक दबाव ने पीटर एल्बर्स की स्थिति को बोर्ड में काफी कमजोर कर दिया था. जिससे उनके लिए इस पद पर लंबे समय तक बने रहना काफी मुश्किल था.
इंडिगो ने सार्वजनिक कर दिए इस्तीफा पत्र
इंडिगो ने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पीटर एल्बर्स का इस्तीफा पत्र और प्रेस विज्ञप्ति आधिकारिक रूप से सार्वजनिक कर दी है. कंपनी ने सेबी के नवीनतम दिशा-निर्देशों और मास्टर सर्कुलर का पूरी तरह पालन किया है. इस बड़े इस्तीफे से संबंधित सभी आवश्यक कानूनी विवरण और महत्वपूर्ण दस्तावेज इंडिगो की वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिए गए हैं. यह कदम बाजार में चल रही विभिन्न अटकलों को शांत करने और शेयरधारकों को कंपनी की स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी देने हेतु उठाया गया है.


