'हबीबी, नोएडा आ जाओ', गुरुग्राम की सड़कों पर जाम, Noida की सड़कें खाली...इंटरनेट पर छिड़ी शहरों की प्लानिंग की बहस

दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया, खासकर गुरुग्राम में ट्रैफिक जाम और जलभराव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं. सोशल मीडिया पर नोएडा की तुलना में गुरुग्राम की बदहाल व्यवस्था को लेकर बहस छिड़ गई. नागरिकों ने प्रशासन की नाकामी पर सवाल उठाए और बुनियादी ढांचे में सुधार की मांग की.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

Delhi NCR traffic: दिल्ली-एनसीआर में सोमवार को हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया. खासकर गुड़गांव (गुरुग्राम) में हालात बेहद खराब रहे, जहां भारी जलभराव और घंटों तक लगे ट्रैफिक जाम ने लाखों लोगों को परेशानी में डाल दिया.

गुरुग्राम में घंटों लंबा ट्रैफिक जाम

बारिश के बाद सबसे गंभीर स्थिति दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे पर देखी गई, जहां कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में लोग शिकायत करते दिखाई दिए कि उन्होंने छह से आठ घंटे तक ट्रैफिक में फंसे रहकर समय बिताया. गुड़गांव के अधिकांश पॉश इलाकों, जैसे डीएलएफ और गोल्फ कोर्स रोड, में भीषण जलभराव की तस्वीरें सामने आईं.

नोएडा बनाम गुरुग्राम की बहस फिर छिड़ी

गुरुग्राम में खराब ट्रैफिक और जल निकासी व्यवस्था ने सोशल मीडिया पर एक बार फिर नोएडा बनाम गुड़गांव की बहस को जन्म दे दिया. एक लोकप्रिय कंटेंट क्रिएटर ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया जिसमें नोएडा की साफ सुथरी सड़कों और सामान्य ट्रैफिक को दिखाते हुए कहा गया, “हबीबी नोएडा आ जाओ!” वहीं दूसरी ओर, गुड़गांव की जलमग्न सड़कें और फंसी हुई गाड़ियां भी कैमरे में कैद हुईं.

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं

एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर कई यूजर्स ने अपने अनुभव साझा किए. एक यूजर ने लिखा, “आज की बारिश और ट्रैफिक के बीच 120 किमी की यात्रा करने के बाद मानता हूं कि नोएडा की सड़कों की हालत गुड़गांव से कहीं बेहतर है.” एक अन्य ने कहा, “नोएडा योजनाबद्ध तरीके से बसा है जबकि गुरुग्राम में विकास अनियोजित है.”

पहले भी उठ चुका है मुद्दा

यह पहली बार नहीं है जब गुड़गांव की अव्यवस्थित बुनियादी सुविधाएं सवालों के घेरे में आई हों. इससे पहले भी, हर बारिश के बाद सोशल मीडिया पर गुड़गांव की तुलना नोएडा से होती रही है. विशेष रूप से बाढ़ जैसी स्थिति में गुड़गांव का इंफ्रास्ट्रक्चर अक्सर फेल होता दिखता है.

प्रशासन ने किए दावे, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और

भले ही नगर निगम और राज्य सरकार ने समय-समय पर दावे किए हैं कि ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त किया गया है, लेकिन हकीकत हर मानसून में सामने आ जाती है. जलभराव से न केवल ट्रैफिक बाधित होता है बल्कि स्कूलों, ऑफिस और अस्पतालों तक पहुंच भी कठिन हो जाती है.

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