पहली बार हुआ ऐसा... महिला अफसर CRPF के सारे पुरुषों को करेगी लीड, 77वें गणतंत्र दिवस पर रचेंगी इतिहास!
77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर पहली बार जम्मू और कश्मीर की सहायक कमांडेंट सिमरन बाला सीआरपीएफ की तरह पुरुष टुकड़ी का नेतृत्व करेंगी.

नई दिल्ली: 26 जनवरी 2026 को दिल्ली के कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस की भव्य परेड में एक नया इतिहास रचा जाएगा. जम्मू और कश्मीर की 26 वर्षीय सहायक कमांडेंट सिमरन बाला केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की पूरी तरह पुरुष टुकड़ी का नेतृत्व करेंगी. यह पहली बार होगा जब कोई महिला अधिकारी गणतंत्र दिवस परेड में सीआरपीएफ की पुरुष टुकड़ी की कमान संभालेगी.
सिमरन बाला 140 से ज्यादा पुरुष जवानों की इस टुकड़ी को कमांड करेंगी. यह उपलब्धि महिलाओं के लिए गर्व का विषय है और देश की सुरक्षा में उनकी बढ़ती भागीदारी को दिखाती है.
छोटे कस्बे से निकलकर बड़ी जिम्मेदारी तक का सफर
सिमरन बाला जम्मू और कश्मीर के राजौरी जिले के नौशेरा नामक छोटे कस्बे की रहने वाली हैं. वह अपने जिले की पहली महिला हैं, जिन्होंने सीआरपीएफ में अधिकारी के रूप में सेवा शुरू की. सीमा क्षेत्र में रहने के बावजूद उन्होंने कड़ी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया. उन्होंने जम्मू के गांधीनगर स्थित सरकारी महिला महाविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री ली.
उसके बाद उन्होंने यूपीएससी द्वारा आयोजित सीएपीएफ असिस्टेंट कमांडेंट परीक्षा पास की. अप्रैल 2025 में उन्हें कमीशन मिला और पहली पोस्टिंग छत्तीसगढ़ की 'बस्तरिया' बटालियन में हुई, जहां नक्सल विरोधी अभियान चलाए जाते हैं. स्थित सीआरपीएफ अकादमी में प्रशिक्षण के दौरान उन्हें प्रशिक्षण और सार्वजनिक भाषण में सर्वश्रेष्ठ अधिकारी का सम्मान मिला. उनका दृढ़ संकल्प और शांत स्वभाव उन्हें अलग बनाता है.
26-year-old CRPF Assistant Commandant Simran Bala, a resident of Jammu and Kashmir, will take part in the Republic Day parade at Kartavya Path in Delhi on January 26. She will lead a male contingent of her force. This will be a historic moment, as it will be the first time a… pic.twitter.com/BOWBlMgAVn
— ANI (@ANI) January 21, 2026
सीआरपीएफ की भूमिका और परेड का महत्व
सीआरपीएफ देश का सबसे बड़ा अर्धसैनिक बल है, जिसमें लगभग 3.25 लाख जवान हैं. यह बल मुख्य रूप से नक्सल विरोधी अभियान, जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी कार्य और पूर्वोत्तर में उग्रवाद रोकने के काम करता है. गणतंत्र दिवस परेड भारत की सैन्य ताकत, अनुशासन और सांस्कृतिक विविधता का शानदार प्रदर्शन होता है. यह परेड रायसीना हिल से शुरू होकर इंडिया गेट होते हुए लाल किले तक कर्तव्य पथ पर निकलती है.
इस बार सीआरपीएफ और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की महिला 'साहसी' टीम एनफील्ड बुलेट बाइक पर परेड में शामिल होगी. सीआईएसएफ मार्चिंग और बैंड दल पेश करेगी, जबकि एसएसबी ऊंट सवार सैनिकों और बैंड का प्रदर्शन करेगी. राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल और अन्य की संयुक्त झांकी भी दिखाई देगी.


