असम, मणिपुर के बाद अब केरल की बारी...रैली के दौरान बोले अमित शाह, विपक्षी दलों पर भी साधा निशाना

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि केरल में भाजपा की सफलता आसान नहीं थी, लेकिन पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं के प्रयासों से भाजपा केरल में अपनी मजबूद पकड़ बनाने में सफल हुई है. उन्होंने विपक्षी पार्टियों पर भ्रष्टाचार, तुष्टीकरण और मैच फिकसिंग का आरोप लगाते हुए कहा कि ये पार्टियां न तो केरल का विकास कर सकती है और न ही राज्य को सुरक्षित रख सकती है.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

नई दिल्ली : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि केरल में भाजपा का विस्तार आसान नहीं रहा, लेकिन समर्पित कार्यकर्ताओं की मेहनत और प्रतिबद्धता से पार्टी लगातार मजबूत होती गई है. उन्होंने कहा कि केरल में भाजपा का जनाधार धीरे-धीरे बढ़ा है और इसके पीछे वर्षों का संघर्ष और संगठनात्मक मेहनत है. शाह ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में पार्टी राज्य में निर्णायक भूमिका निभाएगी.

LDF और UDF पर तीखा हमला

आपको बता दें कि अमित शाह ने केरल की सत्तारूढ़ और प्रमुख विपक्षी पार्टियों एलडीएफ और यूडीएफ पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि ये दोनों दल भ्रष्टाचार, तुष्टीकरण और आपसी “मैच फिक्सिंग” की राजनीति में उलझे हुए हैं. उनके अनुसार, ऐसी पार्टियां न तो राज्य का संतुलित विकास कर सकती हैं और न ही केरल की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकती हैं. शाह ने दावा किया कि केवल भाजपा ही केरल को भरोसेमंद शासन और सुरक्षित भविष्य दे सकती है.

स्थानीय निकाय प्रतिनिधियों को संबोधन
केरल में नव निर्वाचित स्थानीय निकाय प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि भाजपा का उद्देश्य केवल सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि राज्य में विश्वास, सुरक्षा और विकास का संतुलन स्थापित करना है. उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनता के बीच लगातार सक्रिय रहने और पार्टी की विचारधारा को मजबूती से आगे बढ़ाने का आह्वान किया.

अन्य राज्यों के उदाहरणों से जताया भरोसा
अमित शाह ने भाजपा की सफलता के उदाहरण देते हुए असम, मणिपुर, त्रिपुरा और उत्तर प्रदेश का उल्लेख किया. उन्होंने बताया कि असम में कभी पार्टी के पास सिर्फ दो सीटें थीं, लेकिन आज भाजपा वहां दो बार सरकार बना चुकी है और तीसरी बार सत्ता में लौटने की ओर बढ़ रही है. इसी तरह मणिपुर और त्रिपुरा में भी पार्टी ने शून्य से शिखर तक का सफर तय किया. उत्तर प्रदेश में भी भाजपा ने सीमित सीटों से शुरू कर सत्ता तक पहुंचने का रास्ता बनाया.

केरल में ‘कमल खिलाने’ की चुनौती
शाह ने स्वीकार किया कि केरल में भाजपा के लिए परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण रही हैं. उन्होंने कहा कि सभी जानते हैं कि यहां कमल खिलाना आसान नहीं है, लेकिन पार्टी के पास सत्ता भले न रही हो, पर लाखों समर्पित कार्यकर्ता हमेशा उसके साथ खड़े रहे. इन्हीं कार्यकर्ताओं की निष्ठा और संघर्ष ने भाजपा को आगे बढ़ाया है.

संघर्ष और सफलता की कहानी
उन्होंने कहा कि केरल में भाजपा के आत्मविश्वास को तोड़ने के कई प्रयास किए गए, लेकिन कार्यकर्ताओं ने हर चुनौती का डटकर सामना किया. शाह के मुताबिक, अब तक मिली सफलता अंतिम मंजिल नहीं, बल्कि लक्ष्य की ओर बढ़ाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है.

केरल में भाजपा का अंतिम लक्ष्य
अमित शाह ने कहा कि भाजपा का अंतिम लक्ष्य केरल में कमल के निशान के साथ जीत दर्ज कर सरकार बनाना है. उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी राज्य के सर्वांगीण विकास, उसकी सुरक्षा और सदियों से चली आ रही आस्था की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने विश्वास जताया कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में केरल भी भाजपा के नेतृत्व में आगे बढ़ेगा.

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