हवा की गुणवत्ता में मामूली सुधार...दिल्ली-एनसीआर से हटा GRAP-4, लेकिन जारी रहेंगे ये प्रतिबंध

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में मामूली सुधार के बाद सीएक्यूएम ने जीआरएपी-4 प्रतिबंध हटा दिए हैं. मंगलवार को AQI 378 दर्ज किया गया. जीआरएपी-III जारी रहेगा. मौसम, हवा और औद्योगिक गतिविधियों से प्रदूषण प्रभावित होता है.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

नई दिल्लीः दिल्ली और एनसीआर में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने मंगलवार को वायु प्रदूषण की गंभीर स्थिति में मामूली सुधार को देखते हुए जीआरएपी-4 (Graded Response Action Plan, चरण IV) के तहत लागू किए गए सख्त प्रतिबंधों को हटा दिया गया है. राजधानी में मंगलवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 378 दर्ज किया गया, जो ‘अत्यंत खराब’ श्रेणी में आता है. जबकि सोमवार को यह आंकड़ा 410 और रविवार को 440 था.

कब लागू हुआ था GRAP-4?

पिछले हफ्ते शनिवार 17 जनवरी को दिल्ली की वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गई थी, जिसके चलते जीआरएपी-4 के तहत ठोस और कड़े उपाय लागू किए गए थे. इन उपायों में निर्माण गतिविधियों पर पाबंदी, भारी वाहन संचालन पर नियंत्रण और निजी वाहनों के लिए विशेष दिशानिर्देश शामिल थे.

सीएक्यूएम ने अपने बयान में कहा कि अनुकूल मौसम और हवा की गति में वृद्धि के कारण दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक सुधार दिखा रहा है. 20 जनवरी को यह 378 दर्ज किया गया. इसके अलावा, आईएमडी और आईआईटीएम के पूर्वानुमानों के अनुसार आने वाले दिनों में दिल्ली का AQI इसी सीमा में बने रहने की संभावना है.

GRAP-III अभी जारी रहेगा

इस आधार पर उप-समिति ने 17 जनवरी के अपने आदेश को तत्काल प्रभाव से रद्द करने का निर्णय लिया, जिसमें जीआरएपी-4 (‘गंभीर+’ श्रेणी, AQI > 450) के तहत कार्रवाई शुरू की गई थी. हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जीआरएपी-III और उससे कम स्तर के प्रावधान, जैसे कि कम प्रदूषण स्तर पर लागू किए जाने वाले नियम, अभी भी प्रभावी रहेंगे.

विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में बदलाव मौसम, हवा की दिशा और औद्योगिक गतिविधियों पर काफी निर्भर करता है. सर्दियों में पारा कम होने और कोहरे के घने होने से वायु प्रदूषण और भी खतरनाक स्तर तक पहुंच सकता है. वहीं, हल्की हवा और धूप जैसी अनुकूल परिस्थितियां AQI में गिरावट लाती हैं.

लोगों से सतर्क रहने की अपील

हालांकि वायु गुणवत्ता में सुधार देखा गया है. विशेषज्ञ और अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है. उन्होंने कहा कि फिलहाल AQI ‘अत्यंत खराब’ श्रेणी में है, इसलिए बच्चे, बुजुर्ग और श्वसन रोग से पीड़ित लोग घर के अंदर रहकर सुरक्षित रहने की कोशिश करें. बाहरी गतिविधियों को सीमित करें और यदि संभव हो तो मास्क का प्रयोग करें.

इस बीच, केंद्रीय और राज्य एजेंसियां लगातार वायु गुणवत्ता की निगरानी कर रही हैं और प्रदूषण कम करने के लिए समय-समय पर जरूरी उपाय लागू कर रही हैं. सीएक्यूएम ने यह भी बताया कि आने वाले कुछ दिनों में मौसम की स्थितियां वायु गुणवत्ता

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