‘20 बच्चे पैदा कर उदाहरण दें...’ असदुद्दीन ओवैसी ने जनसंख्या बयान को लेकर भाजपा नेता पर कसा तंज

भाजपा नेता नवनीत राणा के ज्यादा बच्चे पैदा करने वाले बयान पर असदुद्दीन ओवैसी ने तीखा तंज कसा. उन्होंने इसे गैर-जिम्मेदाराना बताया, वहीं कांग्रेस ने भी जनसंख्या जैसे मुद्दे पर वैज्ञानिक सोच अपनाने की मांग की.

Shraddha Mishra

देश में जनसंख्या को लेकर दिए गए एक बयान ने राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है. एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भाजपा नेता नवनीत राणा के हालिया बयान पर तीखा हमला बोला है. राणा ने कहा था कि देश की जनसांख्यिकीय स्थिति पाकिस्तान जैसी न हो जाए, इसलिए हिंदुओं को तीन से चार बच्चे पैदा करने चाहिए. इस बयान के बाद विपक्षी दलों की ओर से कड़ी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं.

महाराष्ट्र के अकोला में आयोजित एक रैली के दौरान असदुद्दीन ओवैसी ने बिना नाम लिए नवनीत राणा के बयान पर कटाक्ष किया. उन्होंने कहा कि उनके खुद के छह बच्चे हैं और अब उनकी दाढ़ी भी सफेद हो रही है. ओवैसी ने सवाल उठाया कि अगर चार बच्चे पैदा करने की बात की जा रही है, तो फिर आठ या उससे ज्यादा बच्चे पैदा करने से कौन रोक रहा है. उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि जब नेता खुद इस तरह की सलाह दे रहे हैं, तो पहले उन्हें खुद इस पर अमल करना चाहिए.

दूसरे नेताओं के बयानों का जिक्र

ओवैसी ने अपने भाषण में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के पुराने बयानों का भी हवाला दिया, जिनमें अधिक बच्चे पैदा करने की बात कही गई थी. उन्होंने कहा कि हर कोई लोगों को ज्यादा बच्चे पैदा करने की सलाह दे रहा है, लेकिन यह कोई समाधान नहीं है. ओवैसी ने चुनौती देते हुए कहा कि अगर यही सोच है तो फिर नेता खुद 20 बच्चे पैदा करके उदाहरण क्यों नहीं पेश करते. उन्होंने इसे गैर-जिम्मेदाराना और मजाकिया सोच बताया.

नवनीत राणा के बयान से बढ़ा विवाद

इससे पहले नवनीत राणा ने कहा था कि कुछ समुदायों में कई शादियां और ज्यादा बच्चे होने के कारण उनकी आबादी तेजी से बढ़ रही है. उन्होंने दावा किया था कि इससे देश की जनसंख्या संरचना पर असर पड़ सकता है. इसी तर्क के आधार पर उन्होंने हिंदुओं से अपील की थी कि वे देश की रक्षा के लिए कम से कम तीन से चार बच्चे पैदा करें. 

कांग्रेस की भी कड़ी प्रतिक्रिया

कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने भी इस पूरे मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि जनसंख्या जैसे गंभीर विषय पर बात करते समय वैज्ञानिक और व्यावहारिक सोच अपनाई जानी चाहिए. टैगोर ने आरोप लगाया कि आरएसएस और भाजपा की ओर से ऐसे बयान समाज में भ्रम फैलाने वाले हैं. उन्होंने कहा कि भारत पहले ही जनसंख्या दबाव का सामना कर रहा है और जिन राज्यों में जनसंख्या नियंत्रण नहीं हो पाया है, वहां हालात और मुश्किल होते जा रहे हैं.

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