JDU सबसे भ्रष्ट पार्टी...CM नीतीश के घेरे में रहने वाले 3 से 4 लोगों की संपत्ति बजट से अधिक : RJD नेता का बड़ा आरोप 

बिहार विधानसभा बजट सत्र के आखिरी दिन राष्ट्रीय जनता दल के नेता और विधान पार्षद सुनील सिंह ने CM नीतीश कुमार की जेडीयू पार्टी को राज्य का सबसे ज्यादा भ्रष्ट पार्टी करार दिया है. उन्होंने कहा कि सीएम के आस-पास रहने वाले तीन-चार लोगों के पास छोटे राज्यों के बजट से अधिक संपत्ति है. इसके साथ ही उन्होंने जेडीयू पर कई कंपनियों से करोड़ों रुपयों का चंदा लेकर फायदा पहुंचाने का आरोप भी लगाया है. 

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

पटना : बिहार विधानमंडल के शीतकालीन सत्र का समापन काफी हंगामेदार रहा. आरजेडी नेता सुनील सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने जेडीयू को भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा केंद्र बताते हुए आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के करीबियों के पास अथाह बेनामी संपत्ति है. यह विवाद तब बढ़ा जब जेडीयू ने राजद पर शराब कंपनियों से चंदा लेने का आरोप लगाया. जवाब में सुनील सिंह ने चंदे से जुड़े कथित दस्तावेज सार्वजनिक कर सत्ताधारी दल जेडीयू की पोल खोल दी.

चंदे के दस्तावेजों का सनसनीखेज खुलासा

आपको बता दें कि राजद एमएलसी सुनील सिंह ने जेडीयू के चंदे से जुड़े कथित दस्तावेज दिखाते हुए सनसनीखेज दावे किए. उन्होंने कहा कि दिवंगत राज्यसभा सांसद महेंद्र प्रसाद (किंग महेंद्र) से जेडीयू ने कई वर्षों तक हर महीने 99 लाख रुपये का चंदा वसूला. इस तरह पार्टी ने कुल 146 करोड़ रुपये का भारी-भरकम डोनेशन हासिल किया. सुनील सिंह ने सवाल उठाया कि एक राजनीतिक दल को कोई व्यक्ति अपनी आर्थिक औकात से बाहर जाकर इतना पैसा कैसे दे सकता है. उन्होंने इसे काले धन का खेल बताया.

छोटी कंपनियों का संदिग्ध दान

सुनील सिंह ने एक विशिष्ट कंपनी 'एटूबीएस इन्फ्रास्ट्रक्चर' का उदाहरण देते हुए भ्रष्टाचार की पोल खोली. उन्होंने बताया कि इस कंपनी का सालाना टर्नओवर मात्र 27 करोड़ रुपये है, लेकिन इसने जेडीयू को 24 करोड़ रुपये का भारी चंदा दे दिया. उन्होंने सरकार से पूछा कि आखिर कोई कंपनी अपनी कुल कमाई का लगभग पूरा हिस्सा चंदे में कैसे लुटा सकती है. राजद नेता ने आरोप लगाया कि चंदे के बदले कंपनियों को करोड़ों का बेजा सरकारी फायदा पहुंचाया जा रहा है, जो चिंताजनक है.

100 की खपत पर 200 यूनिट के पैसे वसूले जा रहे 

भ्रष्टाचार के आरोपों की कड़ी में सुनील सिंह ने बिजली के स्मार्ट मीटर और दवा कंपनियों को भी निशाने पर लिया. उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर में जनता से 100 यूनिट की खपत पर 200 यूनिट के पैसे वसूले जा रहे हैं. इसके बदले उन कंपनियों से करोड़ों का चंदा लिया गया है. साथ ही उन्होंने दावा किया कि दवा कंपनियों से 27 करोड़ रुपये का चंदा लेकर बिहार की गरीब जनता के स्वास्थ्य और उनके जीवन के साथ जानबूझकर खिलवाड़ किया जा रहा है, जो अक्षम्य है.

BDO से लेकर DM, SP तक की पोस्टिंग बिना पैसे के नहीं

बिहार में प्रशासनिक अधिकारियों के तबादलों को लेकर भी सुनील सिंह ने सरकार पर गंभीर हमले किए. उन्होंने जन सुराज के प्रशांत किशोर के सुर में सुर मिलाते हुए कहा कि राज्य में बड़े पैमाने पर "तबादला उद्योग" चल रहा है. उनके अनुसार सीओ, बीडीओ से लेकर डीएम और एसपी तक की पोस्टिंग बिना पैसे के नहीं होती है. उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के आस-पास रहने वाले कुछ खास लोगों के पास छोटे राज्यों के बजट से अधिक की बेनामी संपत्ति मौजूद है.

दो दशकों से विपक्ष की राजनीति कर रही RJD 

शराब कंपनियों से चंदा लेने के जेडीयू के आरोपों पर सुनील सिंह ने राजद का पुरजोर बचाव किया. उन्होंने तर्क दिया कि राजद पिछले दो दशकों से विपक्ष की राजनीति कर रही है और विपक्षी दलों को कोई बड़ी कंपनी चंदा नहीं देती है. उन्होंने दावा किया कि राजद के पास जो भी पैसा है, वह पूरी तरह पारदर्शी है और बैंक खातों में दर्ज है. उन्होंने जेडीयू को 'समाजवादी चोला' ओढ़कर भ्रष्टाचार करने वाली पार्टी बताया और उनकी नैतिकता पर सवाल खड़े किए.

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