तुम आदिवासी जंगली हो, मुसलमानों के संस्थान में रहकर मेरे खिलाफ...जामिया के प्रोफेसर पर आदिवासी युवक ने लगाए गंभीर आरोप
जामिया मिलिया इस्लामिया में अनुसूचित जनजाति कर्मचारी रामफूल मीणा ने एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रियाजुद्दीन पर जातिगत अपमान और शारीरिक हमले का आरोप लगाया. प्रशासन ने उन्हें दंडात्मक तबादला किया, FIR दर्ज हुई, पुलिस जांच जारी है.

नई दिल्लीः जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय एक बार फिर विवादों के घेरे में है. इस बार आरोप गंभीर हैं. विश्वविद्यालय के एक अनुसूचित जनजाति (ST) कर्मचारी ने एक फैकल्टी सदस्य पर जातिगत दुर्व्यवहार और शारीरिक हमले का सनसनीखेज आरोप लगाया है.
पीड़ित कर्मचारी रामफूल मीणा हैं. रामफूल जामिया यूनिवर्सिटी के पॉलिटेक्निक विभाग में अपर डिवीजन क्लर्क के पद पर तैनात हैं. उन्होंने ACP सरिता विहार को लिखित शिकायत में विस्तार से आपबीती सुनाई. मीणा का आरोप है कि सिविल इंजीनियरिंग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रियाजुद्दीन ने उनके साथ ऑफिस में हिंसक और अपमानजनक व्यवहार किया.
कहां से शुरू हुई विवाद की शुरुआत?
शिकायत के अनुसार यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब डॉ. रियाजुद्दीन का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वह छात्रों के साथ दुर्व्यवहार करते दिख रहे थे. हालांकि मीणा का उस शिकायत से कोई सीधा संबंध नहीं था, लेकिन उन्हें शक के आधार पर निशाना बनाया गया.
रामफूल मीणा ने आरोप लगाया कि 13 जनवरी 2026 को डॉ. रियाजुद्दीन उनके डेस्क पर आए और उन्हें आपत्तिजनक शब्दों से अपमानित किया. जब मीणा ने इसका विरोध किया, तो आरोपी प्रोफेसर ने और भी अभद्र भाषा का प्रयोग किया.
जातिगत अपमान और शारीरिक हमला
मामला और गंभीर तब हो गया, जब 16 जनवरी 2026 को डॉ. रियाजुद्दीन ने फिर मीणा के ऑफिस में प्रवेश कर उन पर हमला किया. शिकायत में कहा गया है कि आरोपी ने जातिसूचक गालियां देते हुए कहा, “तुम्हारी औकात कैसे हुई कि तुम मेरे खिलाफ शिकायत करो? तुम आदिवासी जंगली हो, मुसलमानों के संस्थान में रहकर मेरे खिलाफ शिकायत करने की हिम्मत कैसे कर सकते हो?” मीणा का कहना है कि यह हमला केवल व्यक्तिगत अपमान तक सीमित नहीं था, बल्कि जातिगत भेदभाव और डराने-धमकाने की कोशिश थी.
प्रशासन ने किया दंडात्मक तबादला
हैरान करने वाली बात यह है कि जब मीणा ने इस हमले की शिकायत रजिस्ट्रार ऑफिस में दर्ज कराई, तो प्रशासन ने मामले की जांच करने के बजाय उसी दिन यानी 16 जनवरी को उनका तबादला कर दिया. मीणा ने इसे दंडात्मक कार्रवाई और मामले को दबाने की कोशिश करार दिया. दिल्ली पुलिस सूत्रों के अनुसार, पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई है और फिलहाल जांच जारी है.
क्लासरूम में दुर्व्यवहार का वीडियो वायरल
इस बीच आरोपी प्रोफेसर का एक वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें वह क्लासरूम में छात्र को लात मारते दिख रहे हैं. यह वीडियो सोशल मीडिया और विश्वविद्यालय के भीतर भी चर्चा का विषय बना हुआ है. कई लोग सवाल उठा रहे हैं कि यह छात्रों को पढ़ाने का कौन सा तरीका है.
Jamia Asst. Professor Dr. Riyazuddin kicked Ram Phool Meena calling him "Meena Kamina, Kaffir."
— Treeni (@treeni) January 20, 2026
After the victim's complaint, he said, "Tum saale Adivasi jangli ho, Musalmanon ke idare mein rehkar mere khilaaf shikayat karoge?"
Victim's mouth broken.pic.twitter.com/pg3uNO9rrD
पुलिस जांच जारी
रामफूल मीणा की शिकायत पर FIR दर्ज कर ली गई है और पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है. दूसरी ओर, आरोपी प्रोफेसर की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
इस तरह के मामले न केवल पीड़ित के लिए बल्कि पूरे विश्वविद्यालय के प्रशासन और छात्रों के लिए भी चिंता का विषय हैं. इससे यह भी सवाल उठते हैं कि शैक्षणिक संस्थानों में अनुशासन और मानवाधिकारों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए.


