तमिलनाडु में डीएमके को मिलेगा टीवीके का साथ! कांग्रेस ने गठबंधन के लिए स्टालिन के सामने रखी शर्त

तमिलनाडु चुनाव से पहले कांग्रेस डीएमके गठबंधन में ज्यादा सीटें और सरकार में हिस्सेदारी चाहती है. 40 सीटों की मांग, टीवीके के संभावित गठबंधन और विजय की भूमिका ने राज्य की राजनीति को नए मोड़ पर ला खड़ा किया है.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

चेन्नईः तमिलनाडु में इस वर्ष होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले राज्य की राजनीति में हलचल तेज़ हो गई है. कांग्रेस पार्टी एक बार फिर डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन में अपनी भूमिका और प्रभाव को मजबूत करने की कोशिश में जुटी है. कांग्रेस के भीतर चल रही सत्ता-साझाकरण को लेकर चर्चाएं केवल सीटों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सरकार में भागीदारी की मांग भी खुलकर सामने आने लगी है.

कांग्रेस का सीटों पर बढ़ा फोकस

सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस ने आंतरिक स्तर पर 40 सीटों को अपना आदर्श लक्ष्य माना है. पार्टी का मानना है कि इतनी सीटें जीतकर ही वह अगली विधानसभा में अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता और प्रभाव साबित कर पाएगी. हालांकि, गठबंधन में प्रमुख सहयोगी डीएमके फिलहाल कांग्रेस को 32 सीटें देने के पक्ष में बताई जा रही है.

इस बीच, बातचीत में लचीलापन दिखाते हुए कांग्रेस ने अपनी मांग घटाकर 38 सीटों तक सीमित कर दी है. यह संकेत देता है कि पार्टी बातचीत को पूरी तरह पटरी से उतरने नहीं देना चाहती, लेकिन साथ ही वह अपने लिए बेहतर सौदे की कोशिश भी जारी रखे हुए है.

सरकार में हिस्सेदारी की खुली मांग

कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने हाल ही में साफ कहा कि पार्टी केवल सीटों तक सीमित नहीं रहना चाहती. उनका कहना था कि यदि गठबंधन सत्ता में आता है, तो कांग्रेस सरकार में भागीदारी की अपेक्षा रखती है. टैगोर का यह बयान पार्टी कार्यकर्ताओं के बढ़ते दबाव और चुनाव से पहले संगठनात्मक मजबूती की आवश्यकता को दर्शाता है.

राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यह बयान कांग्रेस की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसके जरिए वह खुद को केवल “जूनियर पार्टनर” की भूमिका से बाहर निकालना चाहती है.

टीवीके फैक्टर ने बढ़ाई हलचल

कांग्रेस की यह सक्रियता उस वक्त और ज्यादा चर्चा में आ गई जब अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) ने कांग्रेस को “स्वाभाविक सहयोगी” बताया. इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में नए समीकरणों को लेकर अटकलें तेज हो गईं.

टीवीके के प्रवक्ता फेलिक्स गेराल्ड ने कहा कि विजय और राहुल गांधी के बीच अच्छे संबंध हैं और दोनों के बीच मित्रता भी है. उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस और टीवीके के बीच गठबंधन की संभावना काफी मजबूत है. हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि तमिलनाडु कांग्रेस के भीतर मौजूद आंतरिक हित और गुटबाजी बातचीत की रफ्तार को धीमा कर सकती है.

विजय की मंजूरी होगी निर्णायक

टीवीके नेताओं ने साफ किया है कि गठबंधन से जुड़े किसी भी बड़े फैसले से पहले पार्टी प्रमुख विजय से परामर्श किया जाएगा. टीवीके नेता निर्मल कुमार ने कहा कि सभी राजनीतिक विकल्पों पर चर्चा पार्टी नेतृत्व के स्तर पर होगी और उसके बाद ही औपचारिक घोषणा की जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव में अभी लगभग दो महीने का समय बाकी है, ऐसे में अंतिम फैसले के लिए जल्दबाजी नहीं की जाएगी.

बदलते समीकरण, बढ़ती चुनौती

दरअसल, तमिलनाडु में चुनाव से पहले कांग्रेस, डीएमके और संभावित रूप से टीवीके के बीच चल रही बातचीत यह दर्शाती है कि राज्य की राजनीति एक बार फिर नए मोड़ की ओर बढ़ रही है. कांग्रेस जहां अपने लिए ज्यादा राजनीतिक स्पेस चाहती है, वहीं डीएमके अपने गठबंधन संतुलन को साधने में जुटी है. आने वाले हफ्तों में यह तय होगा कि सत्ता-साझाकरण की यह खींचतान किस दिशा में जाती है.

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