सरकारी कर्मचारियों की बल्ले बल्ले...CM स्टालिन ने शुरू की तमिलनाडु सुनिश्चित पेंशन योजना

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों की वर्षों पुरानी मांग पूरी करते हुए “तमिलनाडु सुनिश्चित पेंशन योजना” की घोषणा की है. इस योजना के तहत अंतिम वेतन का 50 प्रतिशत पेंशन, महंगाई भत्ता बढ़ोतरी और पारिवारिक पेंशन का प्रावधान होगा.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

नई दिल्ली : तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने शनिवार को सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए “तमिलनाडु सुनिश्चित पेंशन योजना” की घोषणा की. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नई योजना लाभ के लिहाज से पुरानी पेंशन योजना के समान होगी और इससे लाखों कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक सुरक्षा मिलेगी.

अंतिम वेतन का 50 प्रतिशत सुनिश्चित पेंशन

आपको बता दें कि मुख्यमंत्री के अनुसार, इस योजना के तहत सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनके अंतिम वेतन का 50 प्रतिशत पेंशन के रूप में सुनिश्चित किया जाएगा. इसके लिए कर्मचारी अपने वेतन का 10 प्रतिशत योगदान देंगे, जबकि शेष आवश्यक राशि राज्य सरकार पेंशन कोष में जमा करेगी. सरकार ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं डाला जाएगा.

महंगाई भत्ते और पारिवारिक पेंशन का लाभ
नई योजना में पेंशनभोगियों को सरकारी कर्मचारियों की तरह हर छह महीने में महंगाई भत्ते (डीए) में बढ़ोतरी का लाभ मिलेगा. इसके अलावा, पेंशनधारी की मृत्यु की स्थिति में उनके नामांकित व्यक्ति को पेंशन की 60 प्रतिशत राशि पारिवारिक पेंशन के रूप में प्रदान की जाएगी.

सेवा के दौरान मृत्यु पर आर्थिक सहायता
यदि किसी कर्मचारी की सेवा के दौरान या सेवानिवृत्ति के समय मृत्यु हो जाती है, तो उसकी सेवा अवधि के आधार पर अधिकतम 25 लाख रुपये तक की राशि दी जाएगी. साथ ही, जिन कर्मचारियों ने निर्धारित न्यूनतम सेवा अवधि पूरी किए बिना सेवानिवृत्ति ली है, उन्हें भी नई योजना के तहत न्यूनतम पेंशन दी जाएगी.

पुरानी NPS से जुड़े कर्मचारियों को विशेष राहत
योजना लागू होने से पहले अंशदायी पेंशन योजना (एनपीएस) के तहत सरकारी सेवा में शामिल हुए कर्मचारियों के लिए भी विशेष अनुकंपा पेंशन का प्रावधान किया गया है, ताकि उन्हें भी नई व्यवस्था का लाभ मिल सके.

सरकार पर बढ़ेगा वित्तीय बोझ
तमिलनाडु सरकार ने स्वीकार किया है कि इस योजना के कारण पेंशन फंड में लगभग 13,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि देनी होगी. इसके अलावा, सरकार को हर साल करीब 11,000 करोड़ रुपये का व्यय वहन करना पड़ेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि के साथ सरकार का योगदान भी हर साल बढ़ेगा.

आर्थिक चुनौतियों के बावजूद कर्मचारियों के हितों पर जोर
मुख्यमंत्री स्टालिन ने कहा कि राज्य की मौजूदा वित्तीय स्थिति कठिन होने के बावजूद, सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों के हितों की रक्षा करना सरकार की प्राथमिकता है. उन्होंने कर्मचारियों से योजना के सुचारु क्रियान्वयन में सहयोग की अपील करते हुए भरोसा दिलाया कि यह व्यवस्था पुरानी पेंशन योजना के बराबर लाभ देगी.

कर्मचारी संगठनों ने किया स्वागत
सरकारी कर्मचारी और शिक्षक संगठनों ने इस फैसले का स्वागत किया है. संयुक्त कार्रवाई परिषद और जैक्टो-जियो से जुड़े प्रतिनिधियों ने इसे अपने 20 से 23 वर्षों के संघर्ष का परिणाम बताया. कई संगठनों के पदाधिकारी सचिवालय पहुंचकर मुख्यमंत्री से मिले और इस फैसले के लिए उनका आभार जताया.

राजनीतिक दलों की सकारात्मक प्रतिक्रिया
सीपीआई सहित कई राजनीतिक दलों ने भी इस नई पेंशन योजना का समर्थन किया है. मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर कहा कि द्रविड़ मॉडल सरकार ने कर्मचारियों की दशकों पुरानी मांग पूरी कर एक बार फिर जनता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता साबित की है. उन्होंने इसे नव वर्ष और पोंगल के अवसर पर कर्मचारियों के लिए एक विशेष उपहार बताया.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो

close alt tag