पीएचडी करना हुआ और भी आसान, UGC ने किया बड़ा बदलाव

Phd: यूजीसी चीफ ने बताया कि अब तक, राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) के लिए उम्मीदवार को न्यूनतम 55 प्रतिशत अंकों के साथ मास्टर डिग्री की जरूरत होती थी, लेकिन अब चार साल की स्नातक डिग्री वाले छात्र भी इस परीक्षा में बैठ सकेंगे.

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Edited By: JBT Desk

Phd: पीएचडी करने वाले स्टूडेंट को लेकर यूजीसी की तरफ से बड़ा एलान किया गया है. अब नए नियमों के तहत 4 साल के स्नातक डिग्री वाले छात्र सीधे पीएचडी कर सकेंगे. यदि उनके पास 75% कुल अंक या समकक्ष ग्रेड है. वहीं  इस संबंध में रविवार( 21 अप्रैल) को यूजीसी के चेयरमैन जगदीश कुमार ने कहा कि 4 साल की स्नातक डिग्री वाले छात्र अब सीधे राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) में भी बैठ सकेंगे. यूजीसी चीफ ने कहा कि अब 4 साल की स्नातक डिग्री वाले छात्र अपने स्नातक पाठ्यक्रम के किसी भी विषय में पीएचडी कर सकते हैं.

यूजीसी चीफ ने नए नियमों को लेकर दी जानकारी 

यूजीसी चीफ जगदीश कुमार ने आगे बताया कि अब तक, राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) के लिए उम्मीदवार को न्यूनतम 55 प्रतिशत अंकों के साथ मास्टर डिग्री की जरूरत होती थी, लेकिन अब चार साल की स्नातक डिग्री वाले छात्र भी इस परीक्षा में बैठ सकेंगे. उन्होंने कहा कि UGC के निर्णय के अनुसार एससी, एसटी, ओबीसी, दिव्यांग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और अन्य श्रेणियों के उम्मीदवारों के लिए पांच प्रतिशत अंक या इसके समकक्ष ग्रेड की छूट दी जा सकेगी. 

अब इन नियमों के तहत होगी पीएचडी 

अब तक पीएचडी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मास्टर डिग्री अनिवार्य थी, लेकिन अब न्यूनतम के साथ चार साल या आठ सेमेस्टर स्नातक डिग्री कार्यक्रम के बाद कुल मिलाकर 75 फीसदी अंक या इसके समकक्ष ग्रेड, उम्मीदवार डॉक्टरेट कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पात्र होंगे. इसके अलावा चार साल की स्नातक डिग्री के बाद एक साल या दो सेमेस्टर मास्टर डिग्री हासिल करने वाले छात्र भी पीएचडी कर पाएंगे. 

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